ब्रेकिंग
Bihar weather : बिहार में फिर बदला मौसम! 19 जिलों में बारिश की चेतावनी, इन 6 जिलों में ठनका का हाई अलर्ट15 अगस्त 2027 से दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया पूरा प्लानपटना में ज्वेलरी शॉप से 25 लाख की लूट, हथियारबंद अपराधियों ने वारदात को दिया अंजामबेगूसराय में पूर्व जिला पार्षद और RJD नेता को अपराधियों ने मारी गोली, गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्तीBihar Ias Transfer: बिहार के सात IAS अफसरों का तबादला, पूरी सूची देखें...Bihar weather : बिहार में फिर बदला मौसम! 19 जिलों में बारिश की चेतावनी, इन 6 जिलों में ठनका का हाई अलर्ट15 अगस्त 2027 से दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया पूरा प्लानपटना में ज्वेलरी शॉप से 25 लाख की लूट, हथियारबंद अपराधियों ने वारदात को दिया अंजामबेगूसराय में पूर्व जिला पार्षद और RJD नेता को अपराधियों ने मारी गोली, गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्तीBihar Ias Transfer: बिहार के सात IAS अफसरों का तबादला, पूरी सूची देखें...

Bihar Elephant Attack : बिहार के इस जिले में हाथियों का आतंक: खेत में सो रहे बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला, एक महीने में 5वीं मौत

नवादा में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कौआकोल के बिंदी चक गांव में खेत में सो रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग को हाथियों के झुंड ने कुचलकर मार डाला। एक महीने में 5 लोगों की मौत से ग्रामीणों में भारी दहशत है।

Bihar Elephant Attack : बिहार के इस जिले में  हाथियों का आतंक: खेत में सो रहे बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला, एक महीने में 5वीं मौत
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Elephant Attack : बिहार के नवादा जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला गोविंदपुर विधानसभा क्षेत्र के कौआकोल थाना क्षेत्र के बिंदी चक गांव से सामने आया है, जहां मंगलवार तड़के हाथियों के झुंड ने एक 60 वर्षीय बुजुर्ग को कुचलकर मार डाला। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।


मृतक की पहचान बिंदी चक निवासी राजा राम पासवान (60 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वे अपने खेत में बने कमरे में सो रहे थे। खेत में मूंग की फसल लगी हुई थी, जिसकी रखवाली के लिए वे रात में वहीं ठहरे थे। मंगलवार तड़के करीब तीन बजे अचानक जंगली हाथियों का झुंड खेत की ओर पहुंच गया। इसी दौरान हाथियों ने कमरे को क्षतिग्रस्त कर दिया और राजा राम पासवान को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।


घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सुबह जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो शव की स्थिति बेहद खराब थी। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर उनकी पहचान की। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। बताया जा रहा है कि राजा राम पासवान के तीन बेटों की शादी अभी बाकी है और वे परिवार के मुख्य सहारा थे।


मृतक के भतीजे और ग्रामीणों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों से पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करने की अपील की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से इलाके में घूम रहा है, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।


स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथियों का यह झुंड कौआकोल के पूर्वी क्षेत्र से होते हुए जमुई जिले की सीमा से नवादा में प्रवेश किया है। हाथियों ने बिंदी चक हनुमान मंदिर के पास कई मकानों और खेतों को भी नुकसान पहुंचाया है। लगातार हो रहे हमलों से गांव के लोग रात में घरों से निकलने से डर रहे हैं।


ग्रामीणों ने बताया कि रजौली और गोविंदपुर क्षेत्र में बीते एक महीने के भीतर यह हाथियों का पांचवां हमला है। इससे पहले 8 मई को भी हाथियों ने कई गांवों में उत्पात मचाया था। वहीं रजौली जंगल क्षेत्र में एक व्यक्ति तथा कौआकोल में सनोज भुइया नामक युवक की भी हाथियों के हमले में मौत हो चुकी है। अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है, जिससे लोगों में भारी भय व्याप्त है।


ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग केवल औपचारिकता निभा रहा है। हाथियों को जंगल की ओर वापस भेजने या गांवों की सुरक्षा के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों ने प्रशासन से हाथियों की निगरानी बढ़ाने, प्रभावित क्षेत्रों में बाड़बंदी कराने और ग्रामीणों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।


घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हाथियों के आतंक से स्थायी राहत नहीं मिलेगी, तब तक लोगों की जान जोखिम में बनी रहेगी।


लगातार हो रही घटनाओं ने नवादा के ग्रामीण इलाकों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अब रात में खेतों की रखवाली करने से भी डरने लगे हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि हाथियों को नियंत्रित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।