मुजफ्फरपुर में गाड़ी मालिक की दबंगई देखिये, दलित ड्राइवर को पहनाया जूते-चप्पल का माला, गले में लिखकर टांगा.."मैं बहुत बड़ा चोर हूँ"

मुजफ्फरपुर जिले में एक मालिक की दबंगई देखने को मिली। जो दलित ड्राइवर उनका गाड़ी चलाता था उसके गले में यह लिखकर टांग दिया कि मैं बहुत बड़ा चोर हूं। यही नहीं उसके गले में जूते-चप्पल का माला भी पहना दिया। अब डर के मारे पीड़ित थाने नहीं जा रहा है।

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Jan 06, 2025, 9:06:50 PM

BIHAR POLICE

मालिक की दबंगई - फ़ोटो GOOGLE

MUZAFFARPUR: सरकार भले ही गरीबों और दलितों के नाम पर राजनीति करती हो और उनके उत्थान को लेकर कल्याणकारी योजनाएं चलाए जाने की बात करती हो पर आज भी समाज के दबंग चाहे वह किसी भी जाति धर्म के हों गरीब और बेबस पर जुल्म ढाने से परहेज नही करते। ताजा मामला बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र का है जहां थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित  मिठनपुरा के कन्हौली खादी भंडार चौक के पास एक युवक के गले मे तख्ती लगाकर खड़ा कराया गया। 


उस तख्ती पर यह लिखा गया था कि "मैं बहुत बड़ा चोर हूँ" साथ ही युवक के गले मे जूते और चप्पल की माला पहनाया गया। रास्ते से गुजरने वाले राहगीर रुककर युवक को देखते और आगे बढ़ जाते लेकिन किसी ने उस युवक की इस हालत पर सवाल नहीं उठाया और ना ही उसकी कोई मदद ही की। कुछ समय बाद जब उस युवक से किसी ने पूछा कि पूरा मामला क्या है? तब पीड़ित युवक ने बताया कि मैं स्थानीय संतोष कुमार गुप्ता का गाड़ी चलाता हूँ । मैंने गाड़ी मालिक का पैसा खर्च कर दिया और पैसा वापस नहीं कर पाने की वजह से दिल्ली चला गया था। पूरे मामले के सूत्रधार गाड़ी मालिक वहीं खड़े थे और उनके नजदीकी पीड़ित की स्थिति समाज को दिखाने की बात कर रहे थे और उसके बाद पुलिस को सौंपने की बात कही गयी।


दबंग मालिक के दबंग क्लीनर ने बताया कि सराय कांटा पर गाड़ी खड़ी कर यह मालिक का पचास हजार और मुझसे पांच हजार कुल पचपन हजार रुपये हमसे  लिया और हमसे बोला कि तुम दस मिनट रुको हम आते हैं । पैसा लेकर दिल्ली भाग गया और दिल्ली से पकड़ाया । जब वहां खड़े किसी ने सवाल किया कि इसे पुलिस को क्यों नहीं देते? जबाब में क्लीनर ने जबाब दिया कि पहले समाज देख लेगा तब पुलिस को सौंपेंगे।


इस पूरे मामले पर मालिक संतोष गुप्ता ने बताया कि हीरा मेरा ड्राइवर है, विशाल गाड़ी का क्लीनर है। हम भूसा खरीद बिक्री का काम करते हैं जिसका पैसा ड्राइवर अक्सरहां लेकर आता रहता था। तीन बार वह पैसा लेकर मुझ तक पहुंचा देता था। कुछ दिन पहले सिवान से भूसा लेकर चला और सराय में भूसा बेचकर पैसा अपने पास रख लिया। क्लीनर से बोला कि तुम रुको हम आते हैं , शाम 7 बजे तक जब ड्राइवर वापस नहीं लौटा तो हमने क्लीनर को एक सौ रुपया भेजा और क्लीनर वापस आया। कुछ दिनों पहले ड्राइवर ने एक फ़ोन कर दिल्ली में होने की सूचना दी। फिर गाड़ी मालिक ने क्लीनर को पैसा देकर ड्राइवर को मुज़फ़्फ़रपुर बुलाने के लिये अपने क्लीनर को दिल्ली भेजा और वहीं से उसे पकड़ा गया। 


अब सवाल उठता है कि जब ड्राइवर खुद फोन कर मालिक को यह बताया कि मैं दिल्ली में हूँ और वह क्लीनर के साथ गाड़ी मालिक के घर तक वापस लौटा फिर उस ड्राइवर के साथ इस तरह की अमानवीय हरकत करने की इजाजत गाड़ी मालिक को किसने दी। इस मामले पर जब नगर डीएसपी सीमा देवी से सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि अभी तक पीड़ित पक्ष ने आवेदन नहीं दिया है। पीड़ित पक्ष द्वारा आवेदन मिलने पर कार्रवाई की जायेगी।