MUZAFFARPUR:मुजफ्फरपुर जिले में ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में भीषण लगलगी की घटना में अस्पताल में भर्ती 5 मरीजों की आग में झुलसकर दर्दनाक मौत हो गयी। वही 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गये। खुद नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा था कि इस दर्दनाक अग्निकांड में 5 मरीजों की मौत हो गई है, जबकि 20 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज जारी है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की बेहद गंभीर लापरवाही सामने आई थी। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है।
इस अग्निकांड में अब अस्पताल प्रशासन का बयान सामने आया है। जिसमें प्रसाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से अस्पताल में आग लगी थी। जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने तत्परता से रेस्क्यू किया। अस्पताल प्रशासन ने भ्रामक अफवाहों से बचने की अपील की है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रसाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि 4 जून 2026 को सुबह करीब 3:30 बजे अस्पताल परिसर में शॉर्ट सर्किट के कारण एक बेहद दुखद और अप्रत्याशित घटना घटी।
शॉर्ट सर्किट की वजह से अस्पताल के एक ही फ्लोर पर स्थित आईसीयू (ICU) और सीसीयू (CCU) वार्ड है जिसमें आईसीयू वार्ड में आग लग गई। चूँकि आईसीयू वार्ड में एयर कंडीशनर (AC) चल रहे थे, इसलिए आग तेजी से फैल गई। मरीजों का विवरण और रेस्क्यू ऑपरेशन: घटना के वक्त दोनों वार्डों में कुल 27 मरीज भर्ती थे। आग लगते ही अस्पताल के कर्मियों, सुरक्षा गार्डों और जिला प्रशासन की टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
कुल 18 मरीजों को सुरक्षित निकाल कर तुरंत अन्य विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। 04 मरीज पूरी तरह सुरक्षित हैं और अपने घर जा चुके हैं। अत्यंत दुखद विषय है कि इस हादसे में 05 मरीजों की असामयिक मृत्यु हो गई है। अस्पताल प्रबंधन इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करता है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करता है।
जिला प्रशासन की सराहनीय भूमिका
इस संकट की घड़ी में जिला प्रशासन की टीम ने अत्यंत सराहनीय कदम उठाया। अस्पताल प्रबंधन ने जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मरीजों की जिंदगी बचाने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। अस्पताल में तोड़फोड़ और कानूनी कार्रवाई: रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अस्पताल परिसर में आए कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अस्पताल की संपत्ति में तोड़फोड़ की गई और व्यवधान उत्पन्न किया गया। इस कृत्य को लेकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्थानीय ब्रह्मपुरा थाना में एक लिखित शिकायत (FIR) दर्ज कराई जा रही है।
जांच में पूर्ण सहयोग का आश्वासन
अस्पताल प्रबंधन कानून और नियमों का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन द्वारा मांग किए जाने पर अस्पताल से संबंधित सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत सभी प्रकार के वैध प्रमाण पत्र (Valid Documents) उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके साथ ही, रेस्क्यू के दौरान की सारी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और घटना के वक्त ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मियों का पूरा विवरण भी प्रशासन को सौंप दिया गया है। जिला प्रशासन आगे की सभी बिंदुओं पर बारीकी से जांच पड़ताल कर रहा है, जिसमें अस्पताल प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा।
अफ़वाहों से बचने की अपील
अस्पताल प्रबंधन आम जनता और मीडिया से अपील करता है कि इस संवेदनशील समय में किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें। अस्पताल प्रबंधन ने जिला प्रशासन के सहयोग से मरीजों की जान बचाने का हर संभव प्रयास किया है।
घटना पर CM सम्राट चौधरी ने जताया दुख
वही बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ट्वीट करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में आग लगने से चार व्यक्तियों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा परिजनों को इस कठिन समय में संबल दें। मृतकों के परिजनों को अविलंब 4-4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है तथा घायलों के उपचार हेतु सदर अस्पतालों में समुचित व्यवस्था की गई है।





