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बच्चे से स्कूल का शौचालय साफ कराने वाले हेडमास्टर से BDO ने मांगा स्पष्टीकरण, Video Viral होने पर BEO ने भी लिया संज्ञान

स्कूल के शौचालय को साफ करते एक तीसरी कक्षा के छात्र का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो पर नजर पड़ते ही मामले की गंभीरता को देखते हुए BDO और BEO ने संज्ञान लेते हुए हेडमास्टर से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है।

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Jan 28, 2025, 7:53:26 PM

BIHAR POLICE

हेडमास्टर से शोकॉज - फ़ोटो GOOGLE

Muzaffarpur: मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चे से शौचालय साफ कराने के मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है और श्यामनंदन चौधरी से 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है। दरअसल बालिका शौचालय को साफ करता एक छात्र वायरल वीडियो और फोटो में दिख रहा है। यह बच्चा तीसरी कक्षा का बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) विनीत कुमार सिन्हा ने भी स्कूल के हेडमास्टर श्यामनंदन चौधरी से जवाब-तलब किया है और स्पष्टीकरण मांगा है। 


बता दें कि मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड के रामपुर सगहरी पश्चिम स्थित प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें स्कूल के बच्चे से शौचालय साफ कराया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद औराई के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए स्कूल के प्रधानाध्यापक श्यामनंदन चौधरी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। औराई के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने उन्हें चिट्ठी भेजी है। कहा है कि विभिन्न Social Media प्लेटफार्म से प्राप्त सूचना के आधार पर आपके विद्यालय में आपके आदेश पर एक छात्र द्वारा विद्यालय परिसर स्थित शौचालय की साफ-सफाई करने का Video एवं तस्वीर Viral हो रही है। 


बता दें कि छात्र स्कूल पढ़ने के लिए आते हैं ताकि उनका अकादमिक एवं मानसिक सहित सर्वांगीण विकास हो सके। लेकिन आपके द्वारा इस प्रकार का आदेश देना और बच्चे से शौचालय साफ करवाना बाल मजदूरी (निषेद्य एवं नियमन) अधिनियम, 1986 एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का घोर उल्लंघन है। इसलिए आप अपना स्पष्टीकरण 24 घंटे के अंदर अद्योहस्ताक्षरी के समक्ष सदेह उपस्थित होकर समर्पित करें कि क्यों नहीं उक्त कृत्य के लिए आपको निलंबित कर उक्त अधिनियम एवं नियमावली के सुसंगत धाराओं के तहत् आपके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए। स्पष्टीकरण पर निर्णय होने तक आपका वेतन स्थगित किया जाता है। इसकी प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को भी भेजी गयी है।