Bihar News: मुजफ्फरपुर जिले में कर्मचारी चयन आयोग की सामान्य ड्यूटी (SSC GD) परीक्षा के दौरान उस वक्त भारी अराजकता फैल गई, जब दूसरी और तीसरी पाली (सेकेंड और थर्ड शिफ्ट) की परीक्षा को अचानक स्थगित कर दिया गया। परीक्षा टलने की आधिकारिक खबर मिलते ही परीक्षा केंद्र पर मौजूद हजारों परीक्षार्थियों का आक्रोश फूट पड़ा।
शहर के बीबी कॉलेज कैंपस स्थित ऑनलाइन एग्जाम सेंटर आदर्श परीक्षा केंद्र पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने इकट्ठा होकर जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। केंद्र पर मौजूद अभ्यर्थी अव्यवस्था और समय पर सही सूचना न मिलने को लेकर प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी करने लगे, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया।
परीक्षा केंद्र पर पहुंचे दूर-दराज के जिलों के अभ्यर्थियों का कहना था कि वे महीनों से रात-दिन एक करके इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। भीषण गर्मी और यातायात की तमाम दिक्कतों का सामना करते हुए वे समय पर केंद्र पहुंचे थे, लेकिन आखिरी समय पर उन्हें परीक्षा रद्द होने की बात कह दी गई।
प्रशासन और परीक्षा नियंत्रक एजेंसी की ओर से उन्हें पहले कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। अचानक परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। बिना किसी पूर्व सूचना के परीक्षा न होने की बात सुनकर युवाओं का धैर्य जवाब दे गया। हंगामा कर रहे परीक्षार्थियों ने मौजूदा ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों का सीधा आरोप था कि इस परीक्षा में बड़े पैमाने पर भीतर ही भीतर धांधली की जा रही है।
अभ्यर्थियों ने रोष जताते हुए कहा कि परीक्षा ड्यूटी में तैनात कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से अंदर ही अंदर कुछ चुनिंदा छात्रों को अवैध रूप से मदद पहुंचाई जाती है। इसी हेराफेरी को छुपाने या तकनीकी गड़बड़ी का बहाना बनाकर आम और गरीब छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। छात्रों ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
परीक्षा केंद्र पर भारी बवाल और स्थिति को बिगड़ता देख केंद्र संरक्षकों ने तुरंत स्थानीय थाने की पुलिस को सूचित किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने आक्रोशित छात्र-छात्राओं को समझाने-बुझाने और शांत कराने का काफी प्रयास किया। हालांकि, छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी और उपद्रव करने वालों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल मौके पर अधिकारी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
हैरानी की बात यह है कि केंद्र पर मचे इस भारी बवाल के बीच अब तक आयोग (SSC) या स्थानीय जिला प्रशासन की ओर से परीक्षा रद्द करने को लेकर कोई आधिकारिक लिखित नोटिस या पुख्ता घोषणा जारी नहीं की गई है। अभ्यर्थी इस असमंजस की स्थिति से बेहद परेशान हैं कि आखिर परीक्षा क्यों रद्द हुई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार और आयोग से मांग की है कि पूरी परीक्षा में पारदर्शिता बरती जाए और रद्द की गई दोनों पालियों के लिए नई परीक्षा तिथि (Exam Dates) की घोषणा जल्द से जल्द की जाए, ताकि उनकी मेहनत और साल बर्बाद होने से बच सके।

