ब्रेकिंग
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिला

राज्य स्वास्थ्य समिति ने सिविल सर्जन को भेजा लेटर, कोविड से मरने वालों की मांगी रिपोर्ट

MUZAFFARPUR: कोविड से मरने वालों के आश्रितों को सरकार मुआवजा दे रही है। इसमें कुछ मृतकों के नाम बिहार सरकार के इंट्रीगेटेड डीजिज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) पोर्टल पर शामिल नहीं

राज्य स्वास्थ्य समिति ने सिविल सर्जन को भेजा लेटर, कोविड से मरने वालों की मांगी रिपोर्ट
First Bihar
2 मिनट

MUZAFFARPUR: कोविड से मरने वालों के आश्रितों को सरकार मुआवजा दे रही है। इसमें कुछ मृतकों के नाम बिहार सरकार के इंट्रीगेटेड डीजिज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) पोर्टल पर शामिल नहीं हैं, लेकिन सरकार अब उनके परिजनों को भी मुआवजा देने जा रही है। इसको लेकर बिहार स्वास्थ्य समिति ने सभी जिलों के सिविल सर्जन को एक लेटर भेजा है, जिसमें कुछ गाइडलाइन भी है। बता दें, मुजफ्फरपुर में कोरोना वायरस से मरने वाले 472 लोगों का नाम अभी तक आईडीएसपी पर नहीं चढ़ा है।


सिविल सर्जन के मुताबिक, पहले से 630 मृतकों के नाम पोर्टल पर शामिल थे। इनमें 590 मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जा चुका है। आईडीएसपी कोषांग ने निर्देश जारी किया है कि कोरोना से मरने वालों की नये फॉर्मेट में लिस्ट बनाई जाए। सीएस ने बताया कि राज्य स्वाथ्स्य समिति ने निर्देश दिया है कोरोना मुआवजे के लिए डेथ सर्टिफिकेट पर कोरोना लिखा होना चाहिए और मृतक की आरटपीसीआर, एंटीजन या ट्रूनेट जांच में कोरोना पॉजिटिव आना अनिवार्य है। वहीं, अगर किसी की मौत होम आइसोलेशन में हुई है तो मौत के 30 दिन पहले की जांच की रिपोर्ट दें।


इसके अलावा राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश के बाद अब प्राइवेट संस्थानों की जांच रिपोर्ट का वेरिफिकेशन किया जाएगा। सीएस ने कहा कि प्राइवेट संस्थानों में हुई मौत की रिपोर्ट की जांच की जाए। इन सभी निजी हॉस्पिटल से रिपोर्ट मांगी जाएगी।

टैग्स