ब्रेकिंग
पटना में नवनिर्मित मकान से युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंकासुप्रीम कोर्ट पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, न्यायिक जांच और पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांगबेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, दोनों केस में स्पीडी ट्रायल और न्यायिक जांच की मांगनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में नवनिर्मित मकान से युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंकासुप्रीम कोर्ट पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, न्यायिक जांच और पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांगबेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पप्पू यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, दोनों केस में स्पीडी ट्रायल और न्यायिक जांच की मांगनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमाल

Bihar News: आठ साल बाद भी पूरी नहीं हुई पॉक्सो मामले की जांच, कोर्ट ने थानाध्यक्ष के खिलाफ गैरजमानती वारंट किया जारी

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक ने काजीमोहम्मदपुर थानाध्यक्ष को गिरफ्तारी और पेशी के आदेश दिए हैं. गैरजमानतीय वारंट जारी किया है.

Bihar News
बिहार न्यूज
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक ने काजीमोहम्मदपुर थानाध्यक्ष को गिरफ्तारी और पेशी के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा ने बुधवार को थानाध्यक्ष के विरुद्ध गैरजमानतीय वारंट जारी किया है, जिसका तामिला कराने की जिम्मेदारी डीएसपी (पूर्वी) को सौंपी गई है। 


दरअसल, कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को निर्धारित की है। यह कार्रवाई पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक मामले की जांच आठ वर्षों में पूरी न करने पर हुई है। इससे पहले कोर्ट ने थानाध्यक्ष से जांच प्रगति प्रतिवेदन मांगा था, लेकिन रिपोर्ट न देने पर 24 जून को उन पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। जुर्माने की कार्रवाई की जानकारी विशेष कोर्ट को नहीं दी गई थी। बुधवार को थानाध्यक्ष को कोर्ट में उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करनी थी, लेकिन वे गैरहाजिर रहे। इस वजह से कोर्ट ने आदेश की प्रति एसएसपी, एडीजीपी (कमजोर वर्ग) और सीआईडी को भेजने का निर्देश दिया है।


यह मामला काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की अनुसूचित जाति की महिला के कोर्ट में दिए गए परिवाद पर आधारित है, जिसके आधार पर 24 दिसंबर 2017 को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता महिला ने आनंद कुमार वर्मा, उसके पुत्र सोनू, रामभरोस महतो और उसके पुत्र राकेश कुमार पर उसके और उसकी नाबालिग पुत्री के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया था। इसके बावजूद पुलिस अब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं कर पाई है। 


विशेष पॉक्सो कोर्ट ने इस मामले में थानाध्यक्ष को कई बार जांच की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था, लेकिन लगातार लापरवाही बरतने के कारण सख्त कदम उठाया गया है। अब जांच की निष्पक्षता और शीघ्रता सुनिश्चित करने के लिए उच्च अधिकारियों को भी सूचित कर कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया गया है। इस फैसले से स्पष्ट होता है कि कोर्ट बच्चों के संरक्षण और कानून के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेगा।