Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी कंपनियों के खिलाफ दवा विक्रेताओं ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के सभी खुदरा और थोक दवा दुकानदार आज यानी 19 मई की आधी रात से 24 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान जिले की अधिकांश दवा दुकानें बंद रहेंगी। हालांकि मरीजों की परेशानी को देखते हुए आपातकालीन सेवाओं के लिए कुछ चुनिंदा मेडिकल दुकानों को खुला रखने का फैसला लिया गया है।
बताया जा रहा है कि यह बंदी ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के देशव्यापी आह्वान पर की जा रही है। दरअसल जिले के दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन दवा बेचने वाली कंपनियां लगातार मनमाने तरीके से कारोबार कर रही हैं, जिससे छोटे दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। दवा दुकानदारों का आरोप है कि बड़ी ई-फार्मेसी कंपनियां भारी छूट देकर ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं और इससे स्थानीय मेडिकल दुकानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष राकेश कुमार पंकज और सचिव संजीव कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से बताया कि ऑनलाइन दवा कंपनियां सरकारी नियमों की अनदेखी कर रही हैं। उनका कहना है कि कई मामलों में बिना डॉक्टर के वैध पर्चे के दवाओं की होम डिलीवरी की जा रही है, जो आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन बिक्री के कारण नकली, एक्सपायर्ड और प्रतिबंधित दवाओं के बाजार में पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
दवा विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन कंपनियां बाजार से बेहद कम कीमत पर दवाएं बेच रही हैं, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के दुकानदार आर्थिक रूप से टूट रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में स्थानीय दवा दुकानों का अस्तित्व खत्म हो सकता है।
इस बंदी को सफल बनाने के लिए पिछले तीन दिनों से जिले के दवा विक्रेता काला बिल्ला लगाकर विरोध जता रहे थे। अब 19 मई की मध्य रात्रि से 20 मई की मध्य रात्रि तक पूर्ण बंदी का निर्णय लिया गया है। इस दौरान सभी दवा दुकानदार आंदोलन के समर्थन में अपनी दुकानें बंद रखेंगे।
हालांकि दवा विक्रेताओं ने साफ किया है कि गंभीर मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़े।



