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आधी रात को छात्र को घर से उठा ले गई पुलिस, थाने में बेरहमी से पिटाई के आरोप; DIG-SP से शिकायत

Bihar News: सहरसा में एक बीपीएससी अभ्यर्थी को आधी रात घर से उठाकर थाने ले जाने और बेरहमी से पिटाई करने का आरोप पुलिस पर लगा है। पीड़ित परिवार ने डीआईजी और एसपी से शिकायत कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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Mukesh Srivastava
5 मिनट

Bihar News: बिहार के सहरसा में बलवाहाट थाना पुलिस का कथित तानाशाही रवैया चर्चा में है। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव निवासी एक बीपीएससी अभ्यर्थी को आधी रात घर से जबरन उठाकर थाना ले जाने और वहां बेरहमी से पिटाई करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। छात्र के पिता ने कोसी रेंज के डीआईजी, सहरसा एसपी सहित अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। 


आवेदन में बलवाहाट थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पिता का आरोप है कि उसके पुत्र पर का किसी प्रकार का आपराधिक इतिहास नहीं है और न ही बलवाहाट थाना में उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज है। बावजूद इसके आधी रात पुलिस ने घर में घुसकर उसे जबरन उठा लिया। 


भटपुरा गांव वार्ड संख्या तीन निवासी परमानंद साह ने दिए आवेदन में कहा है कि उनका 28 वर्षीय पुत्र प्रवेश कुमार पटना में रहकर बीपीएससी परीक्षा की तैयारी करता है। गत 14 मई को वह पटना से अपने घर आया था। आरोप है कि 16 मई की आधी रात बलवाहाट थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी करीब दो दर्जन पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचीं। आवेदन के अनुसार पुलिस ने पहले घर की खिड़की खुलवाई और फिर बिना किसी वारंट अथवा कारण बताए घर के अंदर प्रवेश कर गई। 


इसके बाद छात्र प्रवेश कुमार को जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर बलवाहाट थाना ले जाया गया। घटना के दौरान स्वजन दहशत में आ गए और गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पीड़ित के पिता ने आवेदन में आरोप लगाया है कि पुत्र को थाना ले जाए जाने के बाद वह बलवाहाट थाना पहुंचे और पुलिस पदाधिकारी शिल्पी कुमारी से बेटे को छोड़ने की गुहार लगाई। आरोप है कि इस दौरान उनसे 50 हजार रुपये की मांग की गई। पिता का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर रहने के कारण उन्होंने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई। 


इसके बाद काफी विनती करने पर किसी तरह 10 हजार रुपये की व्यवस्था कर पुलिस पदाधिकारी को दिए गए। आरोप है कि रुपये लेने के बाद ही उनके पुत्र को थाना से छोड़ा गया। पिता ने आवेदन में कहा है कि जब उनका पुत्र थाना से बाहर आया तो वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। उसकी हालत देखकर उन्हें आशंका हुई कि थाना में उसके साथ मारपीट की गई है। घर पहुंचने के बाद जब उसके शरीर का कपड़ा हटाकर देखा गया तो उसके पुत्र के शरीर के कई हिस्सों पर गहरे चोट के निशान पाए गए। 


पिता का आरोप है कि छात्र को थाना में थर्ड डिग्री दी गई। छात्र दर्द से कराहता रहा और पूरी रात परिवार दहशत में रहा। घटना के बाद स्वजन आनन-फानन में घायल छात्र को अनुमंडल अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। लेकिन स्थिति गंभीर देख बेहतर ईलाज के लिए उसे सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया गया। 


इधर घटना की जानकारी फैलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों में पुलिस कार्रवाई को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि छात्र निर्दोष है तो उसके साथ इस तरह की कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पीड़ित के पिता ने कोसी रेंज के डीआईजी, सहरसा एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पुलिस कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


थानाध्यक्ष राजू कुमार ने कहा कि जिस युवक को उठा कर थाना लाया गया, उसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी। जबकि वह थाना में मौजूद थे। एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले को लेकर जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी तथ्य सामने आएगी उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता