Bihar News : बिहार बंद के मद्देनज़र एहतियात के तौर पर मुजफ्फरपुर शहर में अस्थायी रूप से बंद की गई इंटरनेट सेवा को जिला प्रशासन ने दोबारा बहाल कर दिया है। कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद गृह विभाग की सहमति से जिलाधिकारी गौरव कुमार ने इंटरनेट प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि जिले में फिलहाल हालात सामान्य हैं और कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर बनी रहेगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिहार बंद को लेकर शुक्रवार को जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। संभावित तनाव और सोशल मीडिया के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए मुजफ्फरपुर के शहरी क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया गया था। प्रशासन ने पहले घोषणा की थी कि 26 जुलाई सुबह 10 बजे तक नगर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद रहेगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया था। इंटरनेट सेवा बंद करने से पहले जिलाधिकारी गौरव कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, थानाध्यक्षों और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी थाना प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं भी तनावपूर्ण स्थिति नहीं है।
स्थिति सामान्य पाए जाने के बाद जिलाधिकारी ने गृह विभाग को इंटरनेट सेवा बहाल करने की अनुशंसा भेजी। विभाग की मंजूरी मिलने के बाद शहर में इंटरनेट सेवा दोबारा शुरू कर दी गई। प्रशासन का मानना है कि आम लोगों की सुविधा और आवश्यक सेवाओं को देखते हुए इंटरनेट बहाल करना जनहित में जरूरी था। हालांकि इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है, लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रशासन की निगरानी पहले की तरह जारी रहेगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अफवाह, भड़काऊ संदेश या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अपुष्ट संदेश को आगे न बढ़ाएं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
इससे पहले राज्य सरकार ने बिहार बंद के दौरान सोशल मीडिया के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए मुजफ्फरपुर के नगर-एक और नगर-दो पुलिस अनुमंडल क्षेत्रों में कुछ सोशल मीडिया सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया था। यह रोक 24 जुलाई दोपहर 12:30 बजे से 26 जुलाई सुबह 10 बजे तक लागू की गई थी। इसके दायरे में पूरा शहरी क्षेत्र, सदर, ब्रह्मपुरा और अहियापुर थाना क्षेत्र शामिल थे।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना सभी का अधिकार है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में कानून को हाथ में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने लोगों से सरकारी संपत्ति की सुरक्षा करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस या प्रशासन को देने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार बंद के दौरान यदि कोई व्यक्ति तोड़फोड़, आगजनी या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी है।
वहीं, वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। 25 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और आठ एसडीपीओ के नेतृत्व में सुपर पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है, ताकि किसी भी उपद्रवी गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन का कहना है कि बिहार बंद के दौरान आम लोगों की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इंटरनेट सेवा बहाल होने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।





