1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 26, 2026, 8:36:18 PM
पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई - फ़ोटो सोशल मीडिया
MUZAFFARPUR: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कर्तव्य में लापरवाही और विवेकपूर्ण निर्णय न लेने के आरोप में गायघाट के तत्कालीन थानाध्यक्ष (पु.अ.नि.) राजा सिंह समेत पूरी छापेमारी टीम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई ग्रामीण एसपी राजेश कुमार की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
क्या है पूरा मामला?
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मामला 17/18 मार्च 2026 की रात का है। गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया ग्राम में पुलिस की टीम एक छापेमारी करने गई थी। इस दौरान अभियुक्तों द्वारा शोर मचाकर ग्रामीणों को इकट्ठा कर लिया गया, जिसके बाद भीड़ ने पुलिस बल पर भारी पथराव, लाठी-डंडे और फायरिंग से हमला कर दिया।
भीड़ के बीच फंसने और अपनी जान बचाने के लिए तत्कालीन थानाध्यक्ष राजा सिंह ने हवाई फायरिंग की और किसी तरह वहां से सुरक्षित निकल पाए। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और अफरा-तफरी के दौरान एक ग्रामीण, जगतवीर राय की मौत हो गई थी।
जांच में खुली लापरवाही की पोल
ग्रामीण एसपी की जांच में यह बात सामने आई कि इस पूरी छापेमारी प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं। रिपोर्ट के अनुसार:
* तैयारी की कमी: थानाध्यक्ष राजा सिंह बिना पर्याप्त पुलिस बल के और बिना पूर्व जानकारी प्राप्त किए संवेदनशील इलाके में छापेमारी के लिए चले गए थे।
* अनुभव की अनदेखी: चोरनिया गांव में पहले भी तत्कालीन थानाध्यक्ष सरुण कुमार मंडल के साथ ग्रामीणों द्वारा विरोध की घटना हो चुकी थी, जिसे नजरअंदाज किया गया।
* विवेकहीन निर्णय: छापेमारी दल ने संयमित और विवेकपूर्ण तरीके से कार्रवाई नहीं की, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई।
* चौकीदार की भूमिका: स्थानीय चौकीदार प्रहलाद कुमार ने भी वांछित अभियुक्तों और ग्रामीणों के संभावित विरोध के बारे में पहले से टीम को आगाह नहीं किया था।
इन पर गिरी गाज
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-01) की अनुशंसा पर एसएसपी ने निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है:
1. राजा सिंह (तत्कालीन थानाध्यक्ष, गायघाट)
2. मनीष कुमार (पु.अ.नि.)
3. रंजन कुमार (पी.टी.सी.)
4. चांदनी कुमारी (म.सि.)
5. ओम प्रकाश (चा.ह.)
6. प्रहलाद कुमार (स्थानीय चौकीदार)
इसके अलावा, टीम में शामिल गृह रक्षकों (अपरजीत कुमार और मनिष कुमार) के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जिला पदाधिकारी को पत्र लिखा गया है। इस कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।