बिहार हमेशा से ही अपने अजीबो-गरीब कारनामों को लेकर सुर्ख़ियों में बना रहता है। यहां आप कब और कैसे किसी ठगी गैंग के शिकार हो जाएंगे इस बात की दूर-दूर तक भनक नहीं लग पाएगी। उसके बाद आपके लिए बस यही बात कही जाएगी कि अब पचायत होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत। अब इसी से मिलता जुलता एक मामला मुजफ्फरपुर से सामने आया है। जहां एक शख्स ने खुद को बड़का अफसर बता लोगों को जमकर मुर्ख बनाया और जब आज इसका भंडाफोड़ हुआ तो हर कोई दंग रह गया।
जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के बेनीबाद थानाक्षेत्र के बेनीबाद बाजार PWD सड़क के सटे एक ज्वेलर गौड़ी साह के घर पर सुबह -सुबह इनकम टैक्स अफसर बता कर कुछ लोग पहुंचे। उसके बाद वह लोग घर से ज्वेलरी, नगद, लैब टेस्ट का रिपोर्ट लेकर फरार हो गए। उसके बाद उन्हें भी समझ में नहीं आया कि आखिर इतनी जल्दी इनकम टैक्स के ऑफिसर गायब क्यों हो गए।
इसके बाद जब वह यह ज्वेलर घर से बाहर निकला तो आसपास के लोगों ने उनसे यह पूछना शुरू कर दिया कि आपके घर जो संबंधी आए थे वह कौन थे ?उसके बाद ज्वेलर ने कहा कि हमारे यहां तो कोई संबंधी नहीं आए तो आसपास के लोगों ने उनसे कहा कि ड्राइवर बोल रहा था कि हमलोग उनके रिलेटिव हैं। इसके बाद उन्हें भनक लगी की वह लोग तो लुटेरा गैंग के मेंबर थे।
बताया जा रहा है कि,यह पूरा मामला सुबह 5 बजे का है। जब ज्वेलर गौड़ी साह घर के बाहर जाने लगे तो दो तीन लोगों ने पीछे से हाथ पकड़ कहा कि हम इनकम टैक्स विभाग से हैं। उसके बाद ज्वेलर शांत हो गया। उसके बाद इन्होने अपने परिजनों को कहा कि इन्हें काजगात लाकर दिखाए। तबतक यह लोग पेटी बक्सा सर्च करने लगे और इस दौरान उन्हें जो भी कैश मिला उसे रख लिया। वहीं ज्वेलर व उनके भतीजा को घर में बंद कर दिया।
वहीं, ज्वेलर ने बताया कि छह से सात लोग आए थे। उन्होंने ज्वेलर के भतीजे से कहा कि सभी जेवरात लैब में जांच के लिए ले जाए जा रहे हैं। बाहर खड़े एक-दो लोगों ने जब ड्राइवर से पूछा कि सुबह-सुबह कौन आया है, तो फर्जी अफसर के ड्राइवर ने जवाब दिया कि ये लोग गौड़ी साह के रिश्तेदार हैं। जब वे लोग जाने लगे, तो ज्वेलर के बेटे दीपक ने छत से शोर मचाया – "पकड़ो पकड़ो चोर"। इसी बीच वे लोग गाड़ी लेकर एनएच की ओर भाग निकले। इसके बाद सभी लोग बेनीबाद थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
इधर, थानाध्यक्ष साकेत कुमार सार्दुल ने बताया कि ज्वेलर की ओर से अभी तक कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है, लेकिन पुलिस मामले की जांच कर रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।





