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फिर मंडराया AES का खतरा, SKMCH में 6 संदिग्ध मरीज भर्ती

MUZAFFARPUR: AES यानी एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम बीमारी के लक्षण वाले आधा दर्जन संदिग्ध बच्चे आज एसकेएमसीएच में भर्ती हुए। जिनमें एक बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। पीकू वार

फिर मंडराया AES का खतरा, SKMCH में 6 संदिग्ध मरीज भर्ती
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUZAFFARPUR:  AES यानी एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम बीमारी के लक्षण वाले आधा दर्जन संदिग्ध बच्चे आज एसकेएमसीएच में भर्ती हुए। जिनमें एक बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। पीकू वार्ड में पहले से 3 मरीज का इलाज चल रहा है। ऐसे में एईएस के कुल 9 मरीजों का इलाज एकेएमसीएच में चल रहा है। पिछले कई दिनों से अचानक गर्मी और नमी बढ़ने से एईएस के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। 


SKMCH के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर साहनी ने बताया कि एईएस बीमारी गर्मी, नमी और कुपोषण के कारण होती है। जब गर्मी व नमी तीन दिन से ज्यादा रहती है तो बच्चे AES की चपेट में आते हैं। पिछले कई दिनों से गर्मी अधिक पड़ने के कारण बच्चों को एईएस अपनी चपेट में ले रही है।


गौरतलब है कि इस साल अब तक 42 एईएस के मरीज भर्ती हुए है जिनमें 8 की मौत हो चुकी है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार चैनपुर वैशाली के 11 माह की अदरिजा चौहान, पुपरी की 12 माह की अर्किता कुमारी, मोतिहारी की 4 साल की प्रियंका कुमारी, पकड़ीदायल की 5 वर्षीय सलोनी कुमारी, सकरा की 6 महीने की सादिया खातून और मनियारी की अनुप्रिया का इलाज यहां जारी है। 


डॉ. सहनी ने बताया कि सलोनी को जूरन छपरा के एक निजी अस्पताल से रेफर किया गया है। निजी अस्पताल में AES प्रोटोकॉल के तहत इलाज नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी जाएगी। एसकेएमसीएच में एईएस के कुल 9 मरीजों का इलाज जारी है। 


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