Waqf bill :"बीजेपी जो चाहती है, वही करती है" कांग्रेस सांसद का छलका दर्द! Maha Yagya: गुवाहाटी में श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का आयोजन, असम के राज्यपाल हुए शामिल वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिहार सरकार ने किया रिकार्ड तोड़ खर्च, विकास योजनाओं की रफ्तार हुई तेज: सम्राट चौधरी वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का सीएम नीतीश ने किया निरीक्षण, तेजी से निर्माण कार्य पूरा करने का दिया निर्देश बिहार सरकार की नई खनन नीति ने बदली तस्वीर, विजय सिन्हा ने कहा..बालू का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं Bihar News: संजीव मिश्रा ने महिलाओं के साथ किया संवाद, "यथासंभव काउंसिल" के कार्यों की दी जानकारी Liquor Ban in Bihar: बिहार में शराबबंदी कानून के 9 साल पूरे, अबतक 14 लाख से अधिक लोग अरेस्ट, सरकार ने गिनाई उपलब्धि Bihar sharabbandi : बिहार में शराबबंदी के बावजूद 9 साल में 190 मौतें, अवैध शराब का कहर जारी Bihar Education News: एक जिले का DEO रहते और कितने आरोप पत्र गठित होंगे ? जनवरी में पहला, मार्च में शुरू हुई दूसरी विभागीय कार्यवाही, आगे क्या होगा.. जुम्मे की नमाज पढ़ने मस्जिद जा रहे बच्चे को अज्ञात वाहन ने रौंदा, गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम हंगामा
02-Apr-2025 02:35 PM
Bihar News : मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की थाना क्षेत्र अंतर्गत चढ़ुआ गांव में अचानक गेहूं के लहलहाते फसल वाले खेत में आग लग गई। आग को देखकर आसपास के गांव के लोग जुट गए और आग को बुझाने के लिए प्रयास करने लगे। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसके आसपास जाने की हिम्मत कोई भी नहीं जुटा पा रहा था। जिसके बाद स्थानीय पुलिस को इस घटना की सूचना दी गई।
इस बारे में बात करते हुए स्थानीय जिला परिषद प्रतिनिधि सुशील कुमार ने बताया कि अचानक आग लगने से लगभग 5 एकड़ से ज्यादा की फसल जलकर राख हो गई है। प्रशासन को इस घटना की सूचना दे दी गई है और प्रशासन से अब बेबस किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
बताते चलें कि इस भयानक अगलगी की घटना में प्रेम सिंह, भूषण सिंह, रामनारायण सिंह, पप्पू सिंह, गुड्डू सिंह समेत दर्जनों किसानों की फसल जलकर पूरी तरह से नष्ट हो गई। अब ये सभी पीड़ित सरकारी मदद के लिए टकटकी लगाए हुए हैं। ज्ञात हो कि आजकल गर्मी में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण इस तरह की घटनाओं की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है.
बेचारे किसान भी इस मामले में बेबस हैं, वे पूरे समय कड़ी मेहनत के बल पर अपनी फसल को तैयार करते हैं, इस उम्मीद में कि एक दिन वे इसे काटेंगे, तैयार करेंगे और इसे बेचकर कुछ आमदनी कमाएँगे, साथ ही पूरे साल उनके परिवार के खाने के लिए अनाज की भी व्यवस्था हो जाएगी. मगर ऐसी घटना हो जाने के बाद वे ना तो इधर के रह जाते हैं और ना उधर के।
राजन कुमार की रिपोर्ट