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Karja bridge incident : मुज़फ़्फ़रपुर में बड़ा हादसा: करजा पुल की रेलिंग तोड़कर नदी में गिरा कंटेनर, बाल-बाल बचे राहगीर

मुज़फ़्फ़रपुर के करजा थाना क्षेत्र में बड़ा हादसा टल गया, जब एक कंटेनर अनियंत्रित होकर करजा पुल की रेलिंग तोड़ते हुए कदाने नदी में गिर गया। ग्रामीणों की फुर्ती से ड्राइवर की जान बच गई।

Karja bridge incident : मुज़फ़्फ़रपुर में बड़ा हादसा: करजा पुल की रेलिंग तोड़कर नदी में गिरा कंटेनर, बाल-बाल बचे राहगीर
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

Karja bridge incident : बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर जिले में अहले सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। करजा थाना क्षेत्र अंतर्गत NH-722 पर बने करजा पुल से एक कंटेनर अनियंत्रित होकर सीधे कदाने नदी में जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि आसपास के लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। तेज रफ्तार में आ रहा कंटेनर अचानक संतुलन खो बैठा और पुल की मजबूत सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए नदी में धंस गया। हालांकि घटना गंभीर थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि कंटेनर का ड्राइवर सुरक्षित बाहर निकल आया और उसकी जान बच गई।


कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह 5 बजे के आसपास हुआ, जब सड़क पर ट्रैफिक बहुत कम था। कंटेनर मुजफ्फरपुर की ओर से आ रहा था और जैसे ही वह रेवा रोड पर स्थित करजा पुल के ऊपर पहुंचा, अचानक उसका नियंत्रण बिगड़ गया। ड्राइवर ने ब्रेक लगाया, लेकिन गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह रोक नहीं पाया। गाड़ी बेकाबू होते ही पुल की रेलिंग से टकराई और धड़ाम की आवाज के साथ नीचे नदी में जा गिरी।


रेलिंग टूटने की आवाज सुनकर आसपास के घरों और खेतों में मौजूद लोग मौके पर दौड़ पड़े। शुरुआती क्षणों में सभी को लगा कि कोई बड़ा हादसा हो गया है और शायद ड्राइवर को बचाना मुश्किल होगा, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता ने स्थिति को बदल दिया।


ग्रामीणों की फुर्ती से बची ड्राइवर की जान

घटना के चंद मिनटों में ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। कंटेनर आधा पानी में धंसा था, जबकि उसका आगे का हिस्सा नदी की ओर झुका हुआ था। ग्रामीणों ने बिना किसी देरी के राहत कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने रस्सियों का इस्तेमाल करते हुए ड्राइवर तक पहुंचने की कोशिश की।


करीब 10 मिनट की मशक्कत के बाद ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उसे हल्की चोटें आईं, लेकिन गंभीर चोटों से वह पूरी तरह बच गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल ड्राइवर को पानी से बाहर लाकर सुरक्षित स्थान पर बैठाया।स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह हादसा दिन के समय होता, जब NH-722 पर काफी ट्रैफिक रहता है, तो स्थिति कहीं ज्यादा भयावह हो सकती थी। कंटेनर के अलावा अन्य वाहन भी इसकी चपेट में आ सकते थे।


मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची

सूचना पाकर करजा थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नदी में गिरे कंटेनर का मुआयना किया और क्रेन मंगवाकर उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू करा दी। पुल के पास अस्थायी रूप से बैरिकेडिंग लगाकर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट किया गया है, ताकि किसी तरह की समस्या न हो। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह मामला वाहन की ब्रेक फेलियर या अचानक तकनीकी खराबी का लग रहा है, लेकिन सटीक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। ड्राइवर का बयान भी लिया जा रहा है।


स्थानीय लोगों में दहशत, प्रशासन की कार्रवाई तेज

करजा पुल NH-722 का महत्वपूर्ण हिस्सा है और रोजाना बड़ी संख्या में भारी वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। इस कारण हादसे ने स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ा दी है। कई लोगों ने पुल की सुरक्षा रेलिंग की मजबूती पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पुल के किनारे से कई बार गाड़ियां फिसलते-फिसलते बची हैं। उन्होंने मांग की है कि रेलिंग को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पुल की सुरक्षा का निरीक्षण कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर मरम्मत व सुदृढ़ीकरण का काम तुरंत शुरू किया जाएगा।


घटना का असर—ट्रैफिक धीमा, क्रेन से निकालने की तैयारी

कंटेनर के नदी में गिरने से सड़क पर कुछ देर तक आवागमन बाधित रहा। पुलिस ने पूरा क्षेत्र सील कर दिया और क्रेन की मदद से कंटेनर को नदी से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। भारी वाहन और छोटे वाहनों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग बनाए गए हैं, ताकि लंबा जाम न लगे। सुबह ऑफिस टाइम में ट्रैफिक बढ़ने से थोड़ी भीड़ देखी गई, लेकिन पुलिस की तैनाती बढ़ाने से स्थिति जल्द सामान्य हो गई।


ड्राइवर ने बताया—गाड़ी अचानक हुई बेकाबू

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि अचानक गाड़ी का स्टीयरिंग जवाब दे गया था। उसने ब्रेक दबाने की कोशिश की, लेकिन कंटेनर पहले रेलिंग से और फिर नदी में जा धंस गया। ड्राइवर ने कहा कि वह सीट बेल्ट लगाए हुए था, जिसकी वजह से वह सुरक्षित बच गया।


बड़ी दुर्घटना से बचाव—एक राहतभरी सुबह

यह हादसा भले ही बड़ा था, लेकिन त्वरित बचाव कार्य, ग्रामीणों की समझदारी और सुबह के समय की कम आवाजाही के कारण एक बड़ी त्रासदी टल गई। ड्राइवर की जान बचने से सभी ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों की सक्रियता ने एक बार फिर साबित किया कि संकट की घड़ी में सामूहिक प्रयास कितने महत्वपूर्ण होते हैं।


फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रशासन पुल की सुरक्षा का आकलन कर रहा है। कंटेनर को नदी से निकालकर सड़क को पूरी तरह खोलने की तैयारी जारी है। घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों की चेकिंग और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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