ब्रेकिंग
Bihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेशBihar News : ‘पार्टी में बर्तन बजते रहते हैं’, अनंत-नीरज विवाद पर संजय झा ने संभाला मोर्चा; ललन सिंह को लेकर भी दिया जवाबBihar News: बिहार में 5 साल में लगेंगे 10 हजार उद्योग, CM सम्राट ने बताया बड़ा लक्ष्यBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेशBihar News : ‘पार्टी में बर्तन बजते रहते हैं’, अनंत-नीरज विवाद पर संजय झा ने संभाला मोर्चा; ललन सिंह को लेकर भी दिया जवाबBihar News: बिहार में 5 साल में लगेंगे 10 हजार उद्योग, CM सम्राट ने बताया बड़ा लक्ष्य

बिहार: बच्ची के अपहरण मामले में पुलिस की जांच से हाईकोर्ट नाराज़, एसएसपी से मांगा जवाब

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले में 6 साल की बच्ची का अपहरण मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। अब पटना हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से ये सवाल पूछा है कि बच्ची के

बिहार: बच्ची के अपहरण मामले में पुलिस की जांच से हाईकोर्ट नाराज़, एसएसपी से मांगा जवाब
First Bihar
2 मिनट

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले में 6 साल की बच्ची का अपहरण मामला धीरे-धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। अब पटना हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से ये सवाल पूछा है कि बच्ची के अपहरण से जुड़े मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो को क्यों न भेजा जाए। बच्ची की पहचान राजन साह की 6 साल की बेटी खुशी के रूप में की गई है। किडनैपिंग को लेकर अदालत ने याचिकाकर्ता से मामले की सुनवाई करते हुए इस तरह का निर्देश दिया है। वहीं, पुलिस द्वारा की गई तफ्तीश पर भी  कोर्ट ने नाराज़गी जताई है। 



कोर्ट का कहना है कि बताए गए तथ्य इस न्यायालय को पीड़ित की खोजबीन के लिए जांच एजेंसी द्वारा की गई कोशिश संतोषजनक नहीं है। साथ ही कोर्ट की तरफ से ये भी कहा गया कि मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व्यक्तिगत रूप से एक हलफनामे की शपथ लें, जिसमें उनकी ओर से की गई कार्रवाई का विवरण दिया जाए। 



अपहरण की गई बच्ची की खोजबीन और आगे अगर उसकी राय है कि जांच एजेंसी पीड़िता की बरामदगी की दिशा में आगे बढ़ने में सक्षम नहीं है तो इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो को क्यों नहीं भेजा जाए। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक का जवाबी हलफनामा दो हफ्ते के अंदर दायर करने का निर्देश दिया है। 


टैग्स