ब्रेकिंग
बिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूट

Bihar Jamabandi: बिहार में 16.86 एकड़ सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी, सीओ को सस्पेंड करने की अनुशंसा; राजस्व कर्मचारी निलंबित

मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बियाडा की 16.86 एकड़ सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी के मामले में डीएम ने अंचलाधिकारी और दो राजस्व कर्मचारियों को निलंबित किया। जांच में बिना वैध दस्तावेज निजी व्यक्तियों के नाम जमीन दर्ज करने की जानकारी सामने आई।

Bihar Jamabandi
प्रतिकात्मक
© AI
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Jamabandi: मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बियाडा की 16.86 एकड़ सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी के मामले में जिलाधिकारी (डीएम) सुब्रत कुमार सेन ने सख्त कार्रवाई की है। मोतीपुर की तत्कालीन अंचलाधिकारी रुचि कुमारी के निलंबन की अनुशंसा की गई है, जबकि दो राजस्व कर्मचारियों नागेंद्र ठाकुर और अवधेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है।


जांच में सामने आया कि बिना वैध दस्तावेजों के जमीन निजी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज की गई थी। डीएम ने सरकारी कार्य में अनियमितता, लापरवाही और भ्रष्ट आचरण पर कड़ी चेतावनी दी है। मोतीपुर के बरियारपुर मौजा में कुल 61.33 एकड़ भूमि मोतीपुर शुगर फैक्ट्री के नाम थी, जिसे नियमानुसार बियाडा को हस्तांतरित किया गया। 


इसमें से 7.98 एकड़ भूमि का दाखिल-खारिज बियाडा के पक्ष में पूर्ण हुआ था। शेष 53.35 एकड़ भूमि के दाखिल-खारिज हेतु आवेदन किया गया, लेकिन इसी प्रक्रिया के दौरान 16.86 एकड़ भूमि की अवैध जमाबंदी हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार 9.56 एकड़ भूमि एक व्यक्ति और 7.30 एकड़ भूमि दूसरे व्यक्ति के नाम ऑनलाइन परिमार्जन प्लस के माध्यम से दर्ज की गई, जबकि इनके पक्ष में कोई वैध दस्तावेज या स्वीकृत प्रक्रिया मौजूद नहीं थी।


डीएम ने इस कृत्य को अवैध और विभागीय नियमों के विपरीत गंभीर अनियमितता बताया। इसके तहत तत्कालीन अंचलाधिकारी रुचि कुमारी के निलंबन की अनुशंसा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से की गई। वहीं, नागेंद्र ठाकुर को निलंबित कर मुख्यालय अंचल कार्यालय औराई में स्थानांतरित किया गया।


साथ ही गायघाट अंचल के राजस्व कर्मचारी अवधेश कुमार सिंह को भी कर्तव्यहीनता, लापरवाही और वरीय पदाधिकारी के आदेशों की अवहेलना के आरोप में निलंबित कर दिया गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन अनिवार्य है, और दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता