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मुजफ्फरपुर में बागमती नदी ने पार किया खतरे का निशान, इन इलाकों में बाढ़ का खतरा; अलर्ट जारी

Bihar Flood: मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। कटौझा में नदी 55.75 मीटर पर बह रही है। औराई, कटरा और गायघाट के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।

Bihar Flood Alert
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Flood: जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। मंगलवार की सुबह 6:00 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, कटौझा में बागमती नदी का जलस्तर 55.75 मीटर दर्ज किया गया है, जो कि इसके खतरे के निशान (55.00 मीटर) से 0.75 मीटर अधिक है। इसके अलावा, नदी का रुख लगातार बढ़ने की ओर (Rising) है, जिससे निचले इलाकों में तबाही की आशंका गहरा गई है।



बागमती नदी के जलस्तर में हो रही इस लगातार वृद्धि के कारण औराई, कटरा और गायघाट प्रखंडों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भारी संकट खड़ा हो गया है। इन क्षेत्रों में नदी का पानी तेजी से प्रवेश कर सकता है, जिससे फसलों, सड़कों और घरों को भारी नुकसान पहुंचने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने इन इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।



एक तरफ जहां बागमती नदी का रुख चिंताजनक बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ जिले से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक और गंडक नदी से राहत की खबर है। सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 48.46 मीटर है, जो खतरे के निशान (52.53 मीटर) से नीचे है। वहीं रेवाघाट में गंडक नदी का जलस्तर 52.89 मीटर दर्ज किया गया है, जो इसके खतरे के निशान (54.41 मीटर) से कम है। राहत की बात यह है कि इन दोनों ही स्थानों पर जलस्तर का रुख गिरने की ओर (Falling) है।



समाहरणालय मुजफ्फरपुर के जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष और जल निस्सरण प्रमंडल के अभियंता स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों को तटबंधों की निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता