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ATM ठीक करने की आड़ में करोड़ों का खेल! मुजफ्फरपुर से शातिर इंजीनियर गिरफ्तार, कई राज्यों की ATM से ठगी का खुलासा

ATM Engineer Arrest: मुजफ्फरपुर से एक ऐसे शख्स की गिरफ्तारी हुई है, जिस पर कई राज्यों में एटीएम से छेड़छाड़ कर लाखों रुपये की चोरी करने वाले गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। पुलिस जांच में गिरोह के नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर कई खुलासे हुए है

ATM ठीक करने की आड़ में करोड़ों का खेल! मुजफ्फरपुर से शातिर इंजीनियर गिरफ्तार, कई राज्यों की ATM से ठगी का खुलासा
Ramakant kumar
4 मिनट

ATM Engineer on Robber: मध्य प्रदेश के भोपाल में एसबीआई के कई एटीएम से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। भोपाल और मुजफ्फरपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड अभिषेक कुमार को जिले के भगवानपुर स्थित किराये के मकान से गिरफ्तार किया गया। अभिषेक एक कैश लोडिंग एजेंसी में सीनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत था और मूल रूप से सारण जिले के खलपुरा का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, उसने अपने तकनीकी ज्ञान का गलत इस्तेमाल कर एटीएम से ठगी का पूरा नेटवर्क तैयार किया था।


जांच में सामने आया है कि अभिषेक ने छपरा और गया के युवकों को साथ लेकर एक संगठित गिरोह बनाया था। इस गिरोह में इंजीनियरिंग के छात्र भी शामिल थे। अब तक इस मामले में मास्टरमाइंड समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में छपरा और गया के कई युवक शामिल हैं।


पुलिस के मुताबिक, भोपाल के शाहपुरा, अशोका गार्डन और कोलार क्षेत्र में 10 से 15 दिनों के भीतर एसबीआई के आठ एटीएम को निशाना बनाया गया। आरोप है कि गिरोह के सदस्य एटीएम के कैश डिस्पेंसिंग शटर से छेड़छाड़ कर मशीन से लाखों रुपये निकाल लेते थे। लगातार एक जैसी घटनाएं सामने आने के बाद एटीएम की सुरक्षा संभाल रही एजेंसी के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक चौरसिया ने शाहपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई।


एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सूचनाओं के आधार पर जांच शुरू की। सबसे पहले मो. शागिर्द और प्रिंस गुप्ता को हिरासत में लिया गया। उनकी निशानदेही पर सोनू उर्फ विपुल, साकेत खेतान, साहिल अली और आसिफ आलम को भी गिरफ्तार किया गया।


पूछताछ के दौरान मो. शागिर्द ने खुलासा किया कि पूरे नेटवर्क का संचालन अभिषेक कुमार कर रहा था, जो मुजफ्फरपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद भोपाल पुलिस ने मुजफ्फरपुर सदर थाना पुलिस की मदद से भगवानपुर इलाके में छापेमारी कर अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार भी बरामद की है।


जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सोनू उर्फ विपुल भोपाल के एक बड़े कॉलेज में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का छात्र है। पुलिस का कहना है कि गिरोह में तकनीकी जानकारी रखने वाले युवकों को शामिल कर एटीएम से ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा था।


पुलिस के अनुसार, अभिषेक ने सारण जिले के डोरीगंज इलाके में कथित तौर पर एक ट्रेनिंग सेंटर जैसा नेटवर्क तैयार कर रखा था, जहां नए युवकों को एटीएम मशीनों से छेड़छाड़, शटर टेंपरिंग और ठगी के तरीके सिखाए जाते थे। प्रशिक्षण के बाद उन्हें अलग-अलग राज्यों के बड़े शहरों में भेजा जाता था, जहां वे वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।


मुजफ्फरपुर सदर थानाध्यक्ष नवलेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अभिषेक कुमार को ट्रांजिट रिमांड पर भोपाल पुलिस अपने साथ ले गई है। उन्होंने बताया कि अभिषेक एक निजी कंपनी में एटीएम इंजीनियर के रूप में कार्यरत था और मशीनों में तकनीकी खराबी आने पर उन्हें ठीक करने की जिम्मेदारी निभाता था।