ब्रेकिंग
फरार IAS संजीव हंस, रिशुश्री समेत सात के खिलाफ निगरानी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, SVU की जांच में मिले पुख्ता प्रमाण‘भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो देशभर में..’, महापंचायत में पहुंचे करणी सेना प्रमुख ने सरकार को चेतायामोबाइल टावर पर चढ़ा BSC नर्सिंग का छात्र, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामापटना से किसके आदेश पर भरत भूषण तिवारी पर चली गोली? महापंचायत में गरजे प्रशांत किशोर, सम्राट सरकार को दे दिया अल्टीमेटमबिहार में भीषण सड़क हादसा: ऑटो और पिकअप वैन की टक्कर में चार लोगों की मौत, चार घायलफरार IAS संजीव हंस, रिशुश्री समेत सात के खिलाफ निगरानी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, SVU की जांच में मिले पुख्ता प्रमाण‘भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो देशभर में..’, महापंचायत में पहुंचे करणी सेना प्रमुख ने सरकार को चेतायामोबाइल टावर पर चढ़ा BSC नर्सिंग का छात्र, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामापटना से किसके आदेश पर भरत भूषण तिवारी पर चली गोली? महापंचायत में गरजे प्रशांत किशोर, सम्राट सरकार को दे दिया अल्टीमेटमबिहार में भीषण सड़क हादसा: ऑटो और पिकअप वैन की टक्कर में चार लोगों की मौत, चार घायल

मुंगेर–मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन जून तक होगा तैयार, झारखंड-बंगाल की यात्रा होगी आसान, कई जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

Bihar News: मुंगेर से मिर्जाचौकी तक बन रही ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बताया जा रहा है कि करीब 124 किलोमीटर लंबी यह परियोजना 30 जून तक पूरी हो सकती है, जिससे झारखंड और बंगाल की यात्रा और भी आसान हो जाएगी। निर्माण कार्य...

मुंगेर–मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन जून तक होगा तैयार, झारखंड-बंगाल की यात्रा होगी आसान, कई जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली मुंगेर–मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। 124 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी परियोजना 30 जून तक पूरी तरह तैयार होने की संभावना है। इसके बाद बिहार से झारखंड और पश्चिम बंगाल की ओर यात्रा न केवल तेज होगी बल्कि सुरक्षित और सुगम भी बन जाएगी।


इस फोरलेन के शुरू होने से खगड़िया, बेगूसराय, कोसी और सीमांचल जैसे क्षेत्रों के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। भारी वाहनों से लेकर आम यात्रियों तक, सभी के लिए सफर आसान हो जाएगा। सड़क के बन जाने के बाद वाहनों की आवाजाही में समय की बड़ी बचत होगी और जाम की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।


परियोजना का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक लगभग पूरा काम समाप्त हो चुका है और केवल कुछ छोटे हिस्सों में अंतिम चरण का काम बाकी है। पाटम से तेलिया तालाब के पास कुछ आंशिक निर्माण कार्य चल रहा है, वहीं अकबरनगर के पास बिजली ट्रांसमिशन लाइनों को ऊपर शिफ्ट करने का काम भी अंतिम चरण में है।


परियोजना निदेशक मनीष कुमार ने बताया कि पैकेज-3 में रसलपुर के पास थोड़ी तकनीकी दिक्कत है, जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि 30 जून तक पूरी सड़क को जनता के लिए खोल दिया जाए।


करीब 5000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पहले एनएच-80 के नाम से जानी जाती थी, जिसे अब बदलकर एनएच-33 कर दिया गया है। यह सड़क बिहार के कई प्रमुख शहरों से होकर गुजरती हुई झारखंड और पश्चिम बंगाल तक सीधा संपर्क स्थापित करेगी।


यह हाईवे चार बड़े हिस्सों (पैकेज) में तैयार किया जा रहा है—

पैकेज-1 : मुंगेर-खड़िया-पिपरा तक 26 किलोमीटर, लागत 981 करोड़ रुपये

पैकेज-2 : खड़िया-भागलपुर बाईपास तक 29 किलोमीटर, लागत 981 करोड़ रुपये

पैकेज-3 : बाईपास चौधरीडीह-रसलपुर तक 32 किलोमीटर, लागत 1012 करोड़ रुपये

पैकेज-4 : रसलपुर-मिर्जाचौकी तक 36 किलोमीटर, लागत 892 करोड़ रुपये


इन चारों पैकेज का काम लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम फिनिशिंग व कनेक्टिविटी कार्य जारी है।


इस फोरलेन के शुरू होने के बाद खगड़िया, बेगूसराय, कोसी और सीमांचल के जिलों की ओर जाने वाले वाहन कृष्ण सेतु के पास सर्विस लेन का उपयोग कर आसानी से अपने मार्ग पर मुड़ सकेंगे। वहीं मुंगेर से मिर्जाचौकी की ओर जाने वाले वाहन सीधे फ्लाईओवर से तेज गति में गुजर सकेंगे।


इस परियोजना के पूरा होने के बाद न सिर्फ बिहार-झारखंड के बीच यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और परिवहन क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलेगा। सड़क बनने से इलाके के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।