1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 28, 2025, 10:41:28 PM
मुख्य धारा से जुड़ने से बदलेगी जिन्दगी - फ़ोटो SOCIAL MEDIA
MUNGER: मुंगेर में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। 2 लाख का इनामी हार्डकोर नक्सली भोला कोड़ा ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। जो पिछले 10 साल से कई नक्सली कांडों में फरार चल रहा था। पुलिस के साथ मुठभेड़ों में वह अहम भूमिका निभा चुका है। अब सरकार इसे सरेंडर पॉलिसी के तहत कई तरह की सुविधा मुहैया करेगी।
मुंगेर पुलिस और बिहार एसटीएफ टीम द्वारा लगातार नक्सलियों के खिलाफ जंगलों में अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान 5 जुलाई 2025 को भी राजासराय के जंगलों में विशेष टीम की नक्सलियों के साथ मुठभेड हुआ था। जिसमें नक्सली रात के अंधेरे और घने जंगलों का सहारा लेकर भागने में सफल हो गए थे। लेकिन विशेष टीम की कार्रवाई लगातार जारी रही। कर्मंतरी एवं सवासीन के जंगलों में तीव्रता से संचालित दबिश अभियानों के कारण हार्डकोर नक्सली रोहित कोढ़ा उर्फ भोला कोड़ा उर्फ विकास दा ने सरकार के द्वारा उग्रवादियों के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि भोला कोड़ा मुंगेर जिले के लड़ैयाटांड थाना क्षेत्र के पेसरा निवासी मनोज कोड़ा उर्फ बुधु कोड़ा का पुत्र है। भोला कोड़ा नक्सली कमांडर प्रवेश दा उर्फ परवेज दा के दस्ता का प्रमुख सदस्य रहा है । उस पर मुंगेर, लखीसराय, जमुई के अलावे झारखंड के बोकारों में एक दर्जन से अधिक नक्सली मामले दर्ज हैं। अप्रैल 2025 में झारखंड के बोकारों में पुलिस से मुठभेड़ में आठ नक्सली मारे गए थे। जिसमें भोला कोड़ा किसी तरह से जान बचाकर भाग निकला था। भोला के सरेंडर के बाद उसकी निशानदेही पर सबासनी के जंगल से हथियार, नक्सल साहित्य को पुलिस ने बरामद किया है। अब बिहार सरकार के द्वारा उग्रवादी सरेंडर नीति के तहत मुख्य धारा में जुड़े लोगों को कई योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।






मुंगेर से इम्तियाज खान की रिपोर्ट