बिहार के मोतिहारी जिले में पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. एक चर्चित हत्याकांड के अहम गवाह की हत्या करने की तैयारी कर रहे दो शूटरों को पुलिस ने समय रहते गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि गवाह को रास्ते से हटाने के लिए 5 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी.
पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों के मंसूबे उस समय फेल हो गए, जब विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दोनों शूटरों को हथियार के साथ दबोच लिया. गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
जानकारी के अनुसार, डुमरियाघाट थाना क्षेत्र के पहल चौक के पास पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में जुटे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस ने विशेष टीम बनाकर इलाके में घेराबंदी की और छापेमारी कर दो संदिग्धों को पकड़ लिया.
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान डुमरियाघाट निवासी नीरज तिवारी और संग्रामपुर थाना क्षेत्र के भवानीपुर निवासी कुंदन ठाकुर उर्फ अवनीश ठाकुर के रूप में हुई है.
पूछताछ के दौरान अपराधियों ने पुलिस के सामने बड़ा खुलासा किया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 के चर्चित पकड़ीदयाल थाना कांड संख्या 65/2016 से जुड़े हत्याकांड के गवाह माधोलाल सहनी की हत्या की साजिश रची गई थी.
पुलिस के अनुसार, जेल में बंद अपराधी राणा सिंह के इशारे पर दोनों शूटर गवाह की हत्या करने की तैयारी कर रहे थे. इसके लिए उन्हें 5 लाख रुपये की सुपारी मिलने की बात सामने आई है.
बताया जा रहा है कि गवाह की हत्या का मकसद न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करना था, ताकि मामले में महत्वपूर्ण गवाही सामने न आ सके. लेकिन इससे पहले ही पुलिस को इसकी भनक लग गई और पूरी योजना विफल हो गई.
मामले की जानकारी देते हुए चकिया डीएसपी संतोष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ की जा रही है. साथ ही जेल से संचालित आपराधिक नेटवर्क और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है.


