Bihar News: मोतिहारी के कोटवा थाना क्षेत्र के मच्छरगांवा गांव स्थित एक मंदिर में अंडे फोड़ने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. घटना के बाद दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक कथित तांत्रिक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बनिया टोला नवादा निवासी जितेंद्र ठाकुर, मुन्ना साह और जितेश साह के रूप में हुई है.
पुलिस के अनुसार, मंदिर में अंडे फोड़ने की घटना को लेकर जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. टीम ने स्थानीय लोगों से पूछताछ और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया.
पुलिस जांच में सामने आया कि जितेंद्र ठाकुर कथित तौर पर तंत्र-मंत्र का काम करता है और हाल ही में नेपाल से तंत्र सीखकर लौटने की बात सामने आई है. आरोप है कि उसने एक परिवार को तंत्र साधना करने की सलाह दी थी. परिवार को बताया गया था कि इस पूजा से घर में भूत-प्रेत का प्रभाव नहीं रहेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.
बताया गया कि परिवार के लोग तांत्रिक की बातों में आ गए. 25 अगस्त की रात करीब 10 बजे के बाद परिवार के कुछ लोग टेंपो और बाइक से मच्छरगांवा गांव स्थित मंदिर पहुंचे. आरोप है कि तांत्रिक के निर्देश पर मंदिर में तंत्र साधना के दौरान नौ अंडे फोड़े गए और पूजा-पाठ किया गया.
अगली सुबह परिवार के लोग मंदिर की सफाई करने पहुंचे. इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें वहां सफाई करते देख लिया और उनसे पूछताछ की. पूछताछ के दौरान मंदिर में अंडे फोड़े जाने की बात सामने आई, जिसके बाद यह खबर तेजी से आसपास के इलाकों में फैल गई.
मंदिर में अंडे फोड़े जाने की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर लोगों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की.
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी. एसआईटी ने स्थानीय लोगों से पूछताछ करने के साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की. जांच के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, एसआईटी का नेतृत्व एएसपी सुनील कुमार कर रहे थे. टीम में इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, कोटवा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, गौरव कुमार, कृष्णजी राय समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.
पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें.





