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मोतिहारी में पैक्स घोटाले का खुलासा, छापेमारी में कालाबाजारी के संकेत

मोतिहारी में पैक्स अध्यक्ष पर बाजार से चावल खरीदकर सरकारी एजेंसी को सप्लाई करने का आरोप। प्रशासन की छापेमारी में अनियमितता के संकेत मिले, जांच जारी।

बिहार न्यूज
जांच के घेरे में पैक्स अध्यक्ष
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट
MOTIHARI: मोतिहारी में पैक्स से जुड़ी कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) निशांत सिहारा को गुप्त सूचना मिली थी कि सदर प्रखंड के बासमनपुर पैक्स अध्यक्ष द्वारा नियमों की अनदेखी कर अनियमितताएं की जा रही हैं।


आरोप है कि किसानों से धान खरीदने के बजाय खुले बाजार से चावल खरीदकर उसे सरकारी एजेंसी को सप्लाई किया जा रहा था। सूचना मिलते ही एसडीओ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार्यपालक दंडाधिकारी अब्दुल कयूम के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर छापेमारी का निर्देश दिया।


जब टीम गोदाम पहुंची, उससे पहले ही एक संदिग्ध ट्रक वहां से हटा लिया गया था, जिससे पूरे मामले में संलिप्त लोगों की सक्रियता का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि छापेमारी के दौरान गोदाम से चावल के बोरे और अन्य संदिग्ध सामग्रियों के सैंपल जब्त किए गए हैं।


प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पैक्स अध्यक्ष मनीष यादव खुले बाजार से चावल खरीदकर उसे बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन (BSFC) के बोरे में पैक कर आपूर्ति कर रहे थे, जो कि सरकारी नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, पैक्स का मुख्य उद्देश्य किसानों से धान खरीदकर उसे सरकारी एजेंसियों को उपलब्ध कराना होता है।


इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि इतनी बड़ी गड़बड़ी लंबे समय तक कैसे चलती रही। आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे प्रकरण में केवल पैक्स अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि कुछ जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। प्रशासन ने इस पहलू पर भी जांच शुरू कर दी है।


एसडीओ निशांत सिहारा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और लोग मामले पर नजर बनाए हुए हैं।


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रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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