Bihar News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से एक बेहद मार्मिक खबर सामने आई है, जहां भारतीय सेना के हवलदार अशोक सिंह की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। देश की सेवा में समर्पित एक जवान का यूं अचानक चले जाना पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो गया है। हादसे के बाद संग्रामपुर थाना क्षेत्र के मठिया गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।
जानकारी के अनुसार, मठिया गांव निवासी 35 वर्षीय अशोक सिंह भारतीय सेना में हवलदार पद पर तैनात थे। वे 15 दिनों की छुट्टी पर अपने घर आए हुए थे। परिवार के साथ समय बिताने पहुंचे अशोक सिंह को क्या पता था कि यह छुट्टी उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी। बताया जा रहा है कि संग्रामपुर के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अशोक सिंह स्वर्गीय अजीत सिंह के पुत्र थे और वर्ष 2011 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। कड़ी मेहनत, अनुशासन और बहादुरी के दम पर उन्होंने सेना में अपनी खास पहचान बनाई थी। वे ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे और उनकी पोस्टिंग चंडीगढ़ तथा फिरोजपुर जैसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर रही थी। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान भी उल्लेखनीय साहस का परिचय दिया था, जिससे वे अपने साथियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बेहद सम्मानित थे।
अशोक सिंह एक सैन्य परंपरा वाले परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनके दादा भारतीय सेना में सूबेदार मेजर रह चुके थे। यही वजह थी कि बचपन से ही उनके भीतर देशसेवा का जज्बा था। परिवार को उन पर गर्व था, और गांव के युवाओं के लिए वे प्रेरणा बने हुए थे।
वर्ष 2016 में अशोक सिंह का विवाह हुआ था। उनके परिवार में पत्नी और तीन साल की एक मासूम बेटी है, जो अब पिता के स्नेह से हमेशा के लिए वंचित हो गई। हादसे की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। पत्नी बेसुध है, मां-बेटी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है और हादसे की जांच जारी है। दूसरी ओर, गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अशोक सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है।



