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Bihar News : अब नहीं लेट होगी ट्रेन, मोकामा में बन गया नया गंगा रेल पुल; इस महीने से शुरू होगा नया गंगा रेल पुल

मोकामा में गंगा पर बन रहा नया डबल लाइन रेल पुल जून तक चालू हो सकता है। इससे ट्रेनों की लेट समस्या कम होगी और यात्रियों को तेज व सुविधाजनक सफर मिलेगा।

Bihar News : अब नहीं लेट होगी ट्रेन, मोकामा में बन गया नया गंगा रेल पुल; इस महीने से शुरू होगा नया गंगा रेल पुल
Tejpratap
Tejpratap
8 मिनट

Bihar News : बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आने वाली है। मोकामा के पास गंगा नदी पर बन रहा नया डबल लाइन रेल पुल अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि जून महीने तक इस पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। इस पुल के शुरू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी और यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना लंबे समय से चल रही थी और अब इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने पटना के पाटलिपुत्र रेल परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह पुल न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी तैयार किया गया है।


राजेंद्र पुल पर कम होगा दबाव

अभी तक राजेंद्र सेतु पर ट्रेनों का अत्यधिक दबाव बना रहता है, जिससे अक्सर ट्रेनों के लेट होने की समस्या सामने आती है। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला एक प्रमुख रेल मार्ग है, लेकिन बढ़ते ट्रैफिक के कारण इसकी क्षमता पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा था। नए डबल लाइन रेल पुल के शुरू होने के बाद इस दबाव में काफी कमी आएगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा।


दानापुर-सोनपुर रूट होगा सुगम

नए पुल के चालू होने से दानापुर और सोनपुर रेल मंडलों के बीच ट्रेनों का संचालन और अधिक आसान हो जाएगा। यात्रियों को अब कम समय में बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी, जिससे रोजाना यात्रा करने वालों को खास लाभ होगा।


ROR तकनीक से मिलेगी अतिरिक्त सुविधा

इस परियोजना की एक खास विशेषता ‘रेल ओवर रेल’ (ROR) तकनीक का इस्तेमाल है, जिसे झाझा और पटना की दिशा में विकसित किया गया है। इस तकनीक के जरिए मुख्य रेल लाइन पर चलने वाली ट्रेनों को रोके बिना पैसेंजर और मालगाड़ियों को आसानी से गुजारा जा सकेगा। इससे ट्रेनों की गति और संचालन दोनों में सुधार आएगा।


बिहार में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आने वाली है। मोकामा के पास गंगा नदी पर बन रहा नया डबल लाइन रेल पुल अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि जून महीने तक इस पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। इस पुल के शुरू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी और यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।


रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना लंबे समय से चल रही थी और अब इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने पटना के पाटलिपुत्र रेल परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह पुल न सिर्फ यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी तैयार किया गया है।


राजेंद्र पुल पर कम होगा दबाव

अभी तक राजेंद्र सेतु पर ट्रेनों का अत्यधिक दबाव बना रहता है, जिससे अक्सर ट्रेनों के लेट होने की समस्या सामने आती है। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला एक प्रमुख रेल मार्ग है, लेकिन बढ़ते ट्रैफिक के कारण इसकी क्षमता पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा था। नए डबल लाइन रेल पुल के शुरू होने के बाद इस दबाव में काफी कमी आएगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा।


दानापुर-सोनपुर रूट होगा सुगम

नए पुल के चालू होने से दानापुर और सोनपुर रेल मंडलों के बीच ट्रेनों का संचालन और अधिक आसान हो जाएगा। यात्रियों को अब कम समय में बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी, जिससे रोजाना यात्रा करने वालों को खास लाभ होगा।


ROR तकनीक से मिलेगी अतिरिक्त सुविधा

इस परियोजना की एक खास विशेषता ‘रेल ओवर रेल’ (ROR) तकनीक का इस्तेमाल है, जिसे झाझा और पटना की दिशा में विकसित किया गया है। इस तकनीक के जरिए मुख्य रेल लाइन पर चलने वाली ट्रेनों को रोके बिना पैसेंजर और मालगाड़ियों को आसानी से गुजारा जा सकेगा। इससे ट्रेनों की गति और संचालन दोनों में सुधार आएगा।


भविष्य की योजनाएं भी तैयार

रेलवे इस प्रोजेक्ट को भविष्य के लिए गेम चेंजर मान रहा है। इसी कड़ी में पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से झाझा तक करीब 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना पर भी काम शुरू किया जा रहा है। इस विस्तार से माल और यात्री ट्रैफिक को अलग-अलग संभालने में मदद मिलेगी। इसके अलावा कोइलवर में सोन नदी पर एक नए रेल पुल के निर्माण का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। इससे आने वाले समय में बिहार के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।


चरणबद्ध तरीके से हो रहा काम

इस बड़े प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए रेलवे ने पूरे रेलखंड को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया है। फतुहा और बख्तियारपुर जैसे सेक्शनों में अलग-अलग स्तर पर काम किया जा रहा है ताकि समय पर परियोजना पूरी की जा सके।


यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

नया रेल पुल शुरू होने के बाद बिहार में रेल यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी। ट्रेनों की देरी कम होगी, भीड़भाड़ में कमी आएगी और यात्रियों को वेटिंग लिस्ट की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।


कुल मिलाकर, मोकामा में बन रहा यह नया रेल पुल बिहार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जो राज्य के परिवहन तंत्र को नई ऊंचाई देने में अहम भूमिका निभाएगा। रेलवे इस प्रोजेक्ट को भविष्य के लिए गेम चेंजर मान रहा है। इसी कड़ी में पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन से झाझा तक करीब 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना पर भी काम शुरू किया जा रहा है। इस विस्तार से माल और यात्री ट्रैफिक को अलग-अलग संभालने में मदद मिलेगी। इसके अलावा कोइलवर में सोन नदी पर एक नए रेल पुल के निर्माण का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। इससे आने वाले समय में बिहार के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।


चरणबद्ध तरीके से हो रहा काम

इस बड़े प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए रेलवे ने पूरे रेलखंड को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया है। फतुहा और बख्तियारपुर जैसे सेक्शनों में अलग-अलग स्तर पर काम किया जा रहा है ताकि समय पर परियोजना पूरी की जा सके।


यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा

नया रेल पुल शुरू होने के बाद बिहार में रेल यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी। ट्रेनों की देरी कम होगी, भीड़भाड़ में कमी आएगी और यात्रियों को वेटिंग लिस्ट की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, मोकामा में बन रहा यह नया रेल पुल बिहार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जो राज्य के परिवहन तंत्र को नई ऊंचाई देने में अहम भूमिका निभाएगा।