Bihar News: बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में जमीन दखल दहानी के दौरान झुलसे 60 वर्षीय राजेंद्र ठाकुर की इलाज के दौरान मौत हो गई है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रशासन ने इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है।
दरअसल, यह मामला 16 जून का है, जब बेनीपट्टी सिविल कोर्ट के जूनियर जज मनीष रंजन के आदेश पर पुलिस प्रशासन और कोर्ट कमिश्नर की टीम सहला पंचायत के अधवारी गांव में जमीन की दखल दहानी के लिए पहुंची थी। महेंद्र यादव के पक्ष में की जा रही इस कार्रवाई के दौरान करीब तीन घंटे तक मापी और विवाद चलता रहा। इसी दौरान 60 वर्षीय राजेंद्र ठाकुर, जो एक सप्ताह की मोहलत मांग रहे थे, अचानक आग की चपेट में आ गए और घर से बाहर भागते हुए गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन की टीम को खदेड़ दिया। कोर्ट कमिश्नर रत्नाकर झा के साथ भी मारपीट की गई। झुलसे राजेंद्र ठाकुर को गंभीर हालत में पटना रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शनिवार को शव गांव पहुंचते ही माहौल और तनावपूर्ण हो गया। मृतक की पत्नी ने विरोधी पक्ष पर तेल छिड़ककर हत्या करने का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया है।
इससे पहले एसपी और डीआईजी ने मामले की जांच की थी। एसपी ने प्रारंभिक बयान में कहा था कि उन्होंने खुद आग लगाई थी, जबकि डीआईजी मनोज तिवारी ने कहा कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग कैसे लगी। रविवार सुबह से ही गांव में तनाव बना हुआ है। आज राजेंद्र ठाकुर का अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
डीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी योगेंद्र कुमार ने कार्रवाई करते हुए बेनीपट्टी के अपर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह सहित छह पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में अवर निरीक्षक नए लाल प्रसाद, मोहम्मद अली, जनार्दन ठाकुर, मोहनलाल पासवान और कमलेश राय शामिल हैं। इन सभी पर 16 जून को हुई कार्रवाई के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप है।


