MADHUBANI NEWS: फर्जी प्रमाण-पत्र पर नौकरी करने वाले 3 शिक्षकों के खिलाफ FIR दर्ज, 2007 में बहाल हुए थे तीनों

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के आदेश पर यह कार्रवाई की गयी है। पंडौल प्रखंड के बथने पंचायत के तीन शिक्षकों ने फर्जी प्रमाण पत्र देकर शिक्षक की नौकरी पाई थी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 26, 2025, 9:59:46 PM

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फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई - फ़ोटो GOOGLE

MADHUBANI NEWS: फर्जी प्रमाण-पत्र पर बहाल 3 शिक्षकों के खिलाफ मधुबनी के पंडौल थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना के आदेश पर यह कार्रवाई की गयी है। पंडौल प्रखंड के बथने पंचायत के तीन शिक्षकों ने फर्जी प्रमाण पत्र देकर शिक्षक की नौकरी पाई थी।


जानकारी के अनुसार तीनो फर्जी शिक्षक बथने पंचायत में तैनात हैं। जिसमे बथने पंचायत के प्रथामिक विद्यालय के शिक्षक राजेश कुमार वर्मा पिता गिरीश्वर नारायण सिंह ग्राम हनुमान नगर स्टेडियम रोड मधुबनी है। जो 2007 से ही प्रथम क्षेणी के फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजित थे। जबकि बथने प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक अनिल कुमार पिता गंगा राम ग्राम रामपट्टी जिला मधुबनी 2007 से पंडौल के कमलाबाड़ी में फर्जी प्रमाण पत्र पर नियोजित किये गए थे। 


वहीं रा.उ.म. विद्यालय बथने में ही विद्यानंद सिंह पिता सोलहम सिंह ग्राम सतेर खजौली के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र पर नियुक्ति पाई थी। जांच में पाया गया की विद्यानंद सिंह वर्ष एचटीसीई 1995 रोल नंबर 24,कुल प्राप्त अंक 528 प्रथम श्रेणी का अंक पत्र एंव प्रमाण पत्र फेक है,एवं कार्यालय अभिलेख के अनुसार नहीं है। जबकि अनिल कुमार का एचटीसीई 1995 रोल नंबर 20,कुल प्राप्त अंक 539 प्रथम श्रेणी का अंक पत्र एवं प्रमाण पत्र फेक है,एवं कार्यालय अभिलेख के अनुसार नहीं है। 


वहीं राजेश कुमार वर्मा का एचटीसीई 1995 रोल नंबर 92,कुल प्राप्त अंक 574 प्रथम श्रेणी का अंक पत्र एवं प्रमाण पत्र फेक है,एवं कार्यालय अभिलेख के अनुसार नहीं है। तीनो ही शिक्षक का प्रमाण पत्र मणिपुर से ही निर्गत हुआ है जिसकी जांच करायी गयी। जिसके आधार पर नियोजन पाने वाले तीनो शिक्षक एक ही पंचायत में नियुक्त हुए। जिसके सत्यापन के बाद दिये गए प्रमाण पत्र फर्जी व फेक पाए जाने के बाद कार्रवाई हुई है। 


पत्र में बताया गया है कि किसी अन्य अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलीभगत कर उक्त प्रशिक्षण अंक-पत्र की कूटरचना कर कूटरचित अंकपत्र एवं प्रमाण-पत्र को असली के रूप में प्रयोग कर धोखाधड़ी से उपयोग किया है। अपराधी के षड्यंत्र के तहत अवैध रूप से नियोजन का लाभ प्राप्त किया था। जो एक संज्ञेय अपराध है।

मधुबनी से कुमार गौरव की रिपोर्ट