Bihar News: मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पटना से आई निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक लिपिक (क्लर्क) को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। गिरफ्तार लिपिक की पहचान साकेत कुमार के रूप में हुई है। निगरानी की टीम ने साकेत के साथ एक बिचौलिए को भी गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, परजूआर पंचायत के दाहिला गांव निवासी रविन्द्र यादव से अतिक्रमण खाली करवाने के एवज में लिपिक साकेत कुमार ने पैसों की मांग की थी। आरोपी लिपिक ने काम के बदले 30,000 रुपये की मांग की थी। पीड़ित रविन्द्र यादव ने अपनी आर्थिक तंगी और गरीबी का हवाला दिया, जिसके बाद सौदा 15,000 रुपये में तय हुआ।
तय सौदे के अनुसार, आज 15 हजार में से 10 हजार रुपये की पहली किस्त का भुगतान होना था। जैसे ही दोपहर के करीब 12 बजे कार्यालय परिसर में पैसों का लेनदेन शुरू हुआ, पहले से ही मुस्तैद निगरानी विभाग की टीम ने लिपिक साकेत कुमार और उसके सहयोगी बिचौलिए धकजरी गांव के परमानन्द झा को रंगे हाथों पकड़ लिया।
निगरानी विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से पूरे अंचल कार्यालय और ब्लॉक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। इस मामले में खास बात यह है कि जिलाधिकारी ने पहले ही उक्त जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दे दिया था। इसके बावजूद, सरकारी आदेश के क्रियान्वयन के नाम पर लिपिक द्वारा अवैध उगाही की जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद निगरानी की टीम दोनों आरोपियों को अपने साथ पटना ले गई है।
रिपोर्ट- कुमार गौरव, मधुबनी



