Bihar Bus Accident: पश्चिमी चंपारण के लौरिया थाना क्षेत्र में बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग पर पराउ टोला बनकटवा के पास देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद शनिवार को जमकर हंगामा हुआ. पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पांचों शवों को सड़क पर रखकर मुख्य मार्ग को करीब तीन घंटे तक जाम कर दिया. ग्रामीण मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे.
जानकारी के अनुसार, बनकटवा निवासी देवेंद्र दुबे के घर पर बच्चे के छठियार का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसी दौरान घर के पास सड़क किनारे आर्केस्ट्रा कार्यक्रम चल रहा था, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे हुए थे. बताया जा रहा है कि गोरखपुर की ओर से एक यात्री बस बेतिया की तरफ आ रही थी. इसी दौरान सामने से ट्रक आने पर दोनों वाहनों को बचाने के प्रयास में बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे चल रहे आर्केस्ट्रा कार्यक्रम में जा घुसी.
हादसे में पांच लोगों की मौत
अनियंत्रित बस की चपेट में आने से बहादुर महतो, संजय कुमार, भोला दुबे, देवेंद्र दुबे और छांगुर राम की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं विनय कुमार यादव, श्याम बाबू, मोती चंद्र महतो और नरेश राम समेत कई लोग घायल हो गए. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. घायलों को इलाज के लिए बेतिया जीएमसीएच भेजा गया.
घटना की सूचना मिलते ही लौरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव का काम शुरू कराया. हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने बस और ट्रक में तोड़फोड़ भी की. स्थिति को देखते हुए नरकटियागंज एसडीपीओ जयप्रकाश सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा. पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया.
पोस्टमार्टम के बाद फिर भड़का आक्रोश
पुलिस ने पांचों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया. पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए. शवों के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों का आक्रोश फिर बढ़ गया. परिजनों और ग्रामीणों ने पांचों शवों को बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग पर रख दिया और सड़क जाम कर दिया.
करीब तीन घंटे तक सड़क पर आवागमन बाधित रहा. सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. ग्रामीण मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे.
मुआवजा मिलने के बाद हटा जाम
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को चार लाख 50 हजार रुपये की सहायता राशि दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया. इसके बाद मुख्य मार्ग पर यातायात बहाल हो सका.
छठियार की खुशियां मातम में बदलीं
हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि मृतकों में देवेंद्र दुबे भी शामिल थे. उनके घर में बच्चे के छठियार का कार्यक्रम चल रहा था और इसी दौरान सड़क किनारे आयोजित कार्यक्रम में अनियंत्रित बस घुस गई. हादसे में बच्चे के पिता की मौत के बाद परिवार में खुशी का माहौल मातम में बदल गया.
सड़क किनारे कार्यक्रम को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद मुख्य सड़क के किनारे आयोजित होने वाले बड़े कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के किनारे बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों के दौरान यातायात नियंत्रण और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. हादसा किस परिस्थिति में हुआ और इसमें किसकी लापरवाही रही, इसकी जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी. घटना के बाद बनकटवा गांव में शोक का माहौल है.




