Bihar News: बिहार में राजस्व कर्मचारियों के तबादले और पदस्थापन को लेकर नई नीति लागू कर दी गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ‘बिहार राजस्व कर्मचारी पदस्थापन नीति 2026’ जारी की है। नई नीति के तहत राजस्व कर्मचारी सामान्य तौर पर एक जिले में अधिकतम तीन साल तक पदस्थापित रह सकेंगे।
विशेष परिस्थितियों में यह अवधि बढ़ाकर अधिकतम पांच साल की जा सकेगी। यह नीति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। विभाग ने तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई नए प्रावधान किए हैं।
एक जिले में अधिकतम 5 साल का कार्यकाल
नई नीति के अनुसार किसी राजस्व कर्मचारी का एक जिले में सामान्य पदस्थापन तीन साल का होगा। विशेष परिस्थितियों में पर्यवेक्षी अधिकारी की अनुशंसा पर कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, किसी भी स्थिति में एक जिले में कुल पदस्थापन अवधि पांच साल से अधिक नहीं होगी।
हर साल जून में होगा सामान्य तबादला
राजस्व कर्मचारियों का सामान्य तबादला प्रत्येक वर्ष जून महीने में किया जाएगा। हालांकि, प्रशासनिक आधार पर होने वाले तबादलों को इस व्यवस्था से अलग रखा गया है। कार्यहित में जरूरत पड़ने पर साल के किसी अन्य समय में भी कर्मचारी का तबादला किया जा सकता है।
तबादले के लिए दे सकेंगे 5 जिलों का विकल्प
नई व्यवस्था के तहत राजस्व कर्मचारियों को तबादले के लिए पांच जिलों का विकल्प देने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी का तबादला उसके चुने गए पांच जिलों में से किसी एक जिले में ही किया जाए, यह जरूरी नहीं है। विभाग के मुताबिक, पांच जिलों का विकल्प देना तबादला प्रक्रिया का हिस्सा है, इसे कर्मचारी का अधिकार नहीं माना जाएगा।
अंतरजिला तबादले का रास्ता साफ
राजस्व कर्मचारियों का राज्य स्तरीय संवर्ग पिछले साल बनाया गया था। इससे पहले राजस्व कर्मचारी जिला संवर्ग के तहत आते थे और उनका दूसरे जिले में तबादला नहीं किया जाता था। राज्य स्तरीय संवर्ग बनने के बाद अब अंतरजिला तबादले का रास्ता साफ हो गया है।
पैरवी या अनुशंसा कराने पर कार्रवाई
नई नीति में कर्मचारियों को तबादले के लिए पैरवी या किसी तरह की अनुशंसा का सहारा नहीं लेने की हिदायत दी गई है। ऐसा करने पर संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। साथ ही, इस संबंध में जानकारी कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में भी दर्ज की जा सकती है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी तबादला प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जाएगी। नई नीति का उद्देश्य कर्मचारियों के पदस्थापन में संतुलन बनाए रखने के साथ प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।




