PATNA: केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के कथित नाम और फर्जी हस्ताक्षर से बिहार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग को पत्र भेजे जाने का मामला सामने आया है। पंचायती राज मंत्री और मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
केंद्रीय मंत्री ने विभाग के सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
पूरी तरह फर्जी है लेटर-ललन सिंह
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने विभाग के सचिव को पत्र लिखकर बताया है कि उनके संज्ञान में एक मामला आया है। जिसमें मेरे हस्ताक्षर से बिहार के डेयरी विभाग को पत्र भेजने का काम किया गया है। जबकि मेरी ओर से ऐसा कोई लेटर ही जारी नहीं किया गया है। लेटर में जो साइन किया गया है, वो भी फर्जी है..वो मेरा हस्तांक्षर नहीं है।
ललन सिंह कहा कि किसी शख्स ने फायदा उठाने के लिए मेरे नाम से लेटर लिखा है, जिसमें मेरे हस्ताक्षर का भी इस्तेमाल किया गया है, जो कि मेरा हस्ताक्षर नहीं है। उस पत्र को बिहार के मंत्री और उनके सचिव को भेजने का काम किया है। जो कि बिल्कुल गलत बात है।
दोषियों पर होनी चाहिए कार्रवाई-ललन सिंह
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने दोषियों की पहचान कर उसके ऊपर सख्त कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने की भी मांग की है।
बता दें कि पिछले महीने भी ललन सिंह का फर्जी निजी सचिव बनकर जेल प्रशासन को फोन करने का भी मामला सामने आया था। पटना पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया था। जिसके ऊपर यह आरोप लगा था कि उसने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के नाम का इस्तेमाल कर एक कैदी को भागलपुर जेल से बेऊर जेल भेजने के लिए दबाव बनाया था।






