ब्रेकिंग
भूमि सुधार विभाग में 13 अधिकारियों पर कार्रवाई, मंत्री दिलीप जायसवाल का बड़ा एक्शनपटना मेट्रो को बड़ी कामयाबी, मोइन-उल-हक से पटना जंक्शन तक 5.2 किमी अंडरग्राउंड टनलिंग पूरीचिराग पासवान को जान से मारने की मिली धमकी, गृह मंत्रालय से तत्काल जांच और सुरक्षा की समीक्षा की मांगगंगा के कटाव ने उजाड़े कई आशियाने, रातोंरात नदी में समा गए घर, इंग्लिश गांव में दहशतJLNMCH ब्लड बैंक में अब आधार और फिंगरप्रिंट जरूरी, 3 महीने से पहले रक्तदान करने वालों की होगी पहचान भूमि सुधार विभाग में 13 अधिकारियों पर कार्रवाई, मंत्री दिलीप जायसवाल का बड़ा एक्शनपटना मेट्रो को बड़ी कामयाबी, मोइन-उल-हक से पटना जंक्शन तक 5.2 किमी अंडरग्राउंड टनलिंग पूरीचिराग पासवान को जान से मारने की मिली धमकी, गृह मंत्रालय से तत्काल जांच और सुरक्षा की समीक्षा की मांगगंगा के कटाव ने उजाड़े कई आशियाने, रातोंरात नदी में समा गए घर, इंग्लिश गांव में दहशतJLNMCH ब्लड बैंक में अब आधार और फिंगरप्रिंट जरूरी, 3 महीने से पहले रक्तदान करने वालों की होगी पहचान

मोकामा-मुंगेर फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण तेज, 1200 रैयतों को भेजा गया नोटिस

Bihar Road Project: मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड परियोजना के लिए लखीसराय में भूमि अधिग्रहण तेज हो गया है। 342.97 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है, जबकि खैरी, औरैया और दामोदरपुर के किसान एलाइनमेंट और मुआवजा दर को लेकर विरोध कर रहे हैं।

Bihar Road Project
प्रतिकात्मक तस्वीर
© File
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Road Project: मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड परियोजना के तहत लखीसराय जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। करीब 4,447 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह फोरलेन सड़क 82.4 किलोमीटर लंबी और 60 मीटर चौड़ी होगी। परियोजना के लिए जिले में कुल 342.97 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।



जिला प्रशासन के अनुसार, अब तक 339.05 हेक्टेयर भूमि की अधिसूचना और 320.78 हेक्टेयर भूमि की अधिघोषणा की जा चुकी है। इसके बाद प्राक्कलन और पंचाट तैयार कर रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



48 मौजा में होगा भूमि अधिग्रहण

परियोजना के लिए लखीसराय जिले के कुल 48 मौजा में भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इनमें से 20 मौजा के करीब 1,200 रैयतों को मुआवजा राशि के लिए नोटिस भेजा जा चुका है। वहीं, कई मौजा में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कुछ रैयतों को अभी तक नोटिस नहीं मिला है। ऐसे रैयतों से जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से आवेदन और जरूरी दस्तावेज लिए जा रहे हैं। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।



सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान के लिए अब तक जिले को 475.74 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य इस साल के अंत तक भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का है। इसके बाद निर्धारित एलाइनमेंट के अनुसार सड़क निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।


एलाइनमेंट और मुआवजे को लेकर किसानों का विरोध

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच लखीसराय प्रखंड के खैरी, औरैया और दामोदरपुर मौजा के सैकड़ों किसान, रैयत और व्यवसायी परियोजना के एलाइनमेंट और मुआवजा निर्धारण का विरोध कर रहे हैं।



रैयतों का आरोप है कि उनकी जमीन का वर्गीकरण सही तरीके से नहीं किया गया है और निर्धारित मुआवजा दर बाजार मूल्य के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि सड़क का मौजूदा एलाइनमेंट शहर के नजदीक बसी घनी आबादी से गुजर रहा है, जिससे बड़ी संख्या में गरीब और बेसहारा परिवारों के घर प्रभावित होंगे।



500 मीटर आगे एलाइनमेंट की मांग

रैयतों ने मांग की है कि वर्तमान चिन्हित स्थान से करीब 500 मीटर आगे एलाइनमेंट किया जाए। उनका तर्क है कि इससे आबादी को कम नुकसान होगा और सरकार को भी अपेक्षाकृत कम मुआवजा देना पड़ेगा।



इस मामले को लेकर रैयतों ने जिलाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से लेकर मुंगेर आयुक्त तक पत्राचार किया है। साथ ही उन्होंने भूमि वर्गीकरण समिति गठित कर जमीन का सही वर्गीकरण कराने और उसी के आधार पर मुआवजा दर निर्धारित करने की मांग की है।

टैग्स
रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता