Indian Railways update : 'अब आगे नहीं जाऊंगा ...',बीच रास्ते ALP ने रोक दी यात्रियों से भरी ट्रेन ; जानिए फिर क्या हुआ

मालदा से सिलीगुड़ी जा रही डेमू ट्रेन ठाकुरगंज स्टेशन पर 3 घंटे रुकी। लोको पायलट की ड्यूटी पूरी होने के कारण ट्रेन आगे नहीं बढ़ी। यात्रियों में नाराजगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 05, 2026, 3:14:13 PM

Indian Railways update :  'अब आगे नहीं जाऊंगा ...',बीच रास्ते ALP ने रोक दी यात्रियों से भरी ट्रेन ; जानिए फिर क्या हुआ

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Indian Railways update : ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और रेलवे प्रशासन के बीच एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। मालदा से सिलीगुड़ी जा रही डेमू ट्रेन संख्या 75719 प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर दोपहर 2:52 बजे से करीब तीन घंटे तक खड़ी रही। घटना का कारण कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि लोको पायलट का अपनी ड्यूटी पूरी होने के बाद आगे जाने से इनकार था।


जानकारी के अनुसार, ट्रेन मालदा से अपने निर्धारित समय पर रवाना हुई थी और समयानुसार ठाकुरगंज स्टेशन पर पहुंची। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर रुकी, लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को सूचित किया कि उसकी नौ घंटे की ड्यूटी पूरी हो चुकी है और आगे बढ़ाना उसके लिए सुरक्षित नहीं होगा। उन्होंने रेलवे के सुरक्षा नियमों का हवाला देते हुए कहा कि निरंतर ड्यूटी समय सीमा से अधिक होने पर परिचालन सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।


रेलवे नियमों के अनुसार, लोको पायलट को अधिकतम 9 से 10 घंटे की लगातार ड्यूटी करने के बाद विश्राम का अधिकार होता है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि थकान के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। लोको पायलट का कहना था कि नियमों के तहत उन्हें तत्काल आगे ट्रेन चलाने की अनुमति नहीं है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आगे जाने से इनकार किया।


इस कारण ट्रेन दोपहर 2:52 बजे से शाम तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही। इस दौरान स्टेशन पर सिलीगुड़ी और किशनगंज जाने वाले व्यापारी, दैनिक मजदूर और छोटे बच्चों के साथ परिवार सवार थे। यात्रियों को घंटों स्टेशन पर खड़े रहना पड़ा, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई। कई यात्रियों को आगे की ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन इस देरी के कारण वे अपनी अगली ट्रेन से चूक गए।


यात्रियों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। कुछ यात्रियों ने कहा कि उन्होंने समय पर अपनी ट्रेन पकड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन इस अनियोजित रोक के कारण उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा। छोटे बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों के लिए यह इंतजार और भी मुश्किल भरा साबित हुआ।


रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को स्थिति की जानकारी दी और बताया कि यह नियम यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन की विश्वसनीयता के लिए जरूरी हैं। लोको पायलट की थकान के कारण ट्रेन आगे न बढ़ पाने की घटना दर्शाती है कि सुरक्षा नियम यात्रियों और चालक दल दोनों के हित में हैं।


विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियम ट्रेन संचालन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं। थके हुए लोको पायलट द्वारा लंबे समय तक ट्रेन चलाने की स्थिति गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए लोको पायलट ने नियमों के अनुसार ही फैसला लिया।


हालांकि, रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए उन्हें सुविधा देने के लिए अन्य विकल्प भी सुझाए। स्टेशन पर इंतजार कर रहे लोगों को सूचना दी गई कि ट्रेन अगले उपलब्ध लोको पायलट के आने के बाद ही आगे बढ़ेगी। यह घटना यात्रियों और रेलवे के बीच सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन की अहमियत को दर्शाती है।


यह मामला यह भी उजागर करता है कि सुरक्षा नियमों के पालन और यात्रियों की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखना रेलवे के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। हालांकि, यात्रियों की नाराजगी के बावजूद विशेषज्ञों ने कहा कि थकान के कारण दुर्घटना की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


इस पूरे मामले से साफ है कि यात्रियों को थोड़ी असुविधा झेलनी पड़ी, लेकिन लंबे समय में सुरक्षा नियमों का पालन करना सभी के हित में है। ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर यह घटना लोगों को याद दिलाती है कि रेलवे संचालन में नियमों का पालन न केवल चालक दल बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।