Bihar Flood Alert: नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब बिहार के सीमांचल इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है. नेपाल से आने वाले पानी के दबाव के कारण किशनगंज और पूर्णिया जिले में कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. हालात को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है.
किशनगंज जिले के तैयबपुर में बहने वाली महानंदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है. नदी के बढ़ते जलस्तर से आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. वहीं परमान और कनकई नदी का जलस्तर भी लगातार ऊपर जा रहा है, जिससे संभावित बाढ़ और कटाव का खतरा मंडराने लगा है.
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नदियों में पानी का दबाव बढ़ा है. तैयबपुर में महानंदा नदी का खतरे का स्तर 66 मीटर निर्धारित है. गुरुवार शाम तक नदी का जलस्तर 64.580 मीटर था, जो 24 घंटे के अंदर बढ़कर शुक्रवार शाम 66.400 मीटर पहुंच गया.
महानंदा नदी के खतरे के निशान को पार करने के बाद प्रशासन ने तटीय इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है. पूर्णिया जिले के बायसी अनुमंडल क्षेत्र में भी नदी का पानी तेजी से फैल रहा है. डेंगराह घाट के आसपास खेतों और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है.
कनकई और परमान नदी भी बढ़ा रही चिंता
महानंदा के अलावा कनकई और परमान नदी के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. पश्चिम बंगाल के चरघरिया में कनकई नदी का जलस्तर बढ़कर 45.200 मीटर तक पहुंच गया है.
वहीं अररिया जिले से होकर गुजरने वाली परमान नदी का जलस्तर भी तेजी से ऊपर जा रहा है. हालांकि दोनों नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन लगातार बढ़ते पानी को देखते हुए प्रशासन सतर्क है.
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बायसी अनुमंडल प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं. बाढ़ नियंत्रण विभाग को भी अलर्ट रहने को कहा गया है. अधिकारियों की टीम लगातार नदी के जलस्तर, कटाव और संभावित खतरे वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रही है.
प्रशासन का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें. लगातार बारिश जारी रहने पर हालात और बिगड़ सकते हैं, इसलिए सभी संबंधित विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.



