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बिहार में 94 करोड़ की 3 सड़क योजनाओं पर लगा ब्रेक, निर्माण शुरू होने से पहले ही अटका मामला; जानिए कहां फंसी पेंच

Bihar Road Project News: औरंगाबाद में करोड़ों रुपये की सड़क योजनाएं जमीन अधिग्रहण की देरी के कारण अटक गई हैं। रिंग रोड, बाईपास और फोरलेन सड़क जैसी परियोजनाओं का काम टेंडर के बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। जानिए इन योजनाओं की पूरी स्थिति

बिहार में 94 करोड़ की 3 सड़क योजनाओं पर लगा ब्रेक, निर्माण शुरू होने से पहले ही अटका मामला; जानिए कहां फंसी पेंच
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Ramakant kumar
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Bihar Road Project News: औरंगाबाद जिले में सड़क निर्माण से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाएं जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण अधर में लटकी हुई हैं. इनमें देव रिंग रोड, रफीगंज बाईपास और देव के सूर्यकुंड-रूद्रकुंड से स्टेट हाइवे-101 तक बनने वाली फोरलेन सड़क शामिल है. तीनों योजनाओं का टेंडर हो चुका है, लेकिन निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अब तक काम शुरू नहीं हो सका है.


इन परियोजनाओं में देव रिंग रोड सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है. करीब 8.60 किलोमीटर लंबी इस रिंग रोड के निर्माण की प्राक्कलित राशि 46 करोड़ 61 लाख रुपये है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद संवेदक को निर्धारित प्राक्कलित राशि से करीब 28 प्रतिशत कम दर पर कार्यादेश दिया गया है. इसके बावजूद भूअर्जन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है.


देव में फोरलेन सड़क का भी नहीं शुरू हुआ काम

देव स्थित सूर्यकुंड और रूद्रकुंड से नव निर्मित स्टेट हाइवे-101 तक करीब एक किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण भी जमीन अधिग्रहण के कारण अटका हुआ है. इस परियोजना की प्राक्कलित राशि 10 करोड़ 6 लाख रुपये तय की गई है. टेंडर के बाद संवेदक को करीब 32 प्रतिशत कम दर पर कार्यादेश मिला है, लेकिन निर्माण एजेंसी को अभी तक पूरी जमीन उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है.


रफीगंज बाईपास भी भूअर्जन में फंसा

करीब आठ किलोमीटर लंबी रफीगंज बाईपास परियोजना का काम भी अभी शुरू नहीं हो पाया है. इस सड़क के निर्माण पर करीब 37 करोड़ 91 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है. इस परियोजना का भी टेंडर हो चुका है, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से निर्माण एजेंसी काम शुरू नहीं कर सकी है.


बताया जाता है कि गया जिले की विधायक मनोरमा देवी के पुत्र की रमिया कंस्ट्रक्शन कंपनी ने इन तीनों परियोजनाओं का टेंडर लिया है.


भूअर्जन पूरा होते ही शुरू होगा काम

पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ई. गोपाल सिंह ने बताया कि तीनों परियोजनाएं फिलहाल भूअर्जन की प्रक्रिया में फंसी हुई हैं. जमीन अधिग्रहण पूरा होने और निर्माण एजेंसी को भूमि उपलब्ध कराए जाने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा.


उन्होंने बताया कि देव की फोरलेन सड़क का निर्माण नौ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं देव रिंग रोड और रफीगंज बाईपास के निर्माण के लिए 18-18 महीने की समयसीमा निर्धारित की गई है.


जिला भूअर्जन पदाधिकारी के अनुसार, तीनों सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. संबंधित जमीन की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण एजेंसी को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.