1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Tue, 24 Feb 2026 01:28:31 PM IST
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Bihar Education News: शिक्षा विभाग के एक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने 40 करोड़ रूपया से अधिक का फर्जीवाड़ा किया. खुद व अपने लोगों को फायदा पहुंचाया. अब रिटायरमेंट के बाद उक्त अधिकारी को सरकार ने दंड दिया है. शिक्षा विभाग ने इस संबंध में संकल्प जारी किया है.
40 करोड़ की राशि का किया खेल
किशनगंज के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे. किशनगंज के जिलाधिकारी ने 21 जून 2024 को शिक्षा विभाग को रिपोर्ट किया था, जिसमें कहा गया था कि डीपीओ राजेश कुमार सिन्हा ने बेंच- डेस्क योजना, विद्यालय जीर्णोद्धार योजना, प्री-फैब स्ट्रक्चर निर्माण, नाइट गार्ड की बहाली, हाउस कीपिंग योजना व अन्य में बड़े पैमानों पर नियमों की अनदेखी कर वित्तीय गड़बड़ी की है. जिससे सरकार की करोड़ों रू राशि का दुरुपयोग हुआ।
पेंशन से सदा के लिए 25 फीसदी की कटौती
इस आरोप में किशनगंज जिले के तत्कालीन शिक्षा डीपीओ राजेश कुमार सिन्हा को 1 जुलाई 2024 के प्रभाव से निलंबित किया गया था. इसके बाद इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाई गई. जांच में यह बात सामने आई है कि इन्होंने करोड़ों रुपए की योजनाओं में फर्जीवाड़ा किया है. अनुशासनिक प्राधिकार ने समीक्षा में पाया कि यह मामला वित्तीय अनियमित का है. जिसमें राजेश कुमार सिन्हा के खिलाफ लगे अधिकांश आरोप प्रमाणित या आंशिक प्रमाणित पाए गए हैं. बेंच-डेस्क की आपूर्ति किए बिना फर्जी भुगतान किया गया. ऐसे में रिटायरमेंट के बाद राजेश कुमार सिन्हा तत्कालीन डीपीओ की पेंशन से सदा के लिए 25 फीसदी की राशि की कटौती की जाती है.