Bihar news : दूकान के सामने नहीं लगाने दी विधायक जी की गाड़ी तो जदयू नेता ने दिखाई दबंगई, दूकानदार को पहले पीटा, फिर उल्टा केस करवा दिया; वीडियो वायरल

खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड में जदयू मीडिया सेल के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार मंडल पर एक गंभीर आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि हरिपुर पंचायत के एक दूकानदार के साथ उन्होंने कथित रूप से मारपीट की और झूठा मामला दर्ज कराया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 24, 2025, 10:11:24 AM

Bihar news : दूकान के सामने नहीं लगाने दी विधायक जी की गाड़ी तो जदयू नेता ने दिखाई दबंगई, दूकानदार को पहले पीटा, फिर उल्टा केस करवा दिया;  वीडियो वायरल

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Bihar news : खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड में सत्ता के दुरुपयोग और राजनीतिक दबंगई का एक नया मामला सामने आया है। जदयू मीडिया सेल के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार मंडल पर आरोप है कि उन्होंने हरिपुर पंचायत के एक दूकानदार के साथ मारपीट की और उसके खिलाफ झूठा केस दर्ज कराया।


स्थानीय सूत्रों ने बताया कि घटना की शुरुआत तब हुई जब अलौली विधायक रामचंद्र सदा मनीष कुमार मंडल के घर खाने के लिए आए। भोजन के दौरान विधायक की गाड़ी दूकानदार के सामने खड़ी की गई। दूकानदार ने साफ मना कर दिया कि गाड़ी यहां नहीं लग सकती। इसके बाद मनीष कुमार मंडल अपने चार-पाँच साथियों के साथ दूकानदार के पास पहुंचे और दूकान में घुसकर उस पर हमला किया।


घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मनीष कुमार मंडल और उनके समर्थकों की कथित दबंगई स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


दूकानदार का कहना है कि मनीष कुमार मंडल ने केवल विरोध करने पर शारीरिक हमला किया और फिर राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर झूठा मामला दर्ज करा दिया। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की भी मांग की है।जदयू के कुछ स्थानीय नेताओं का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से पार्टी की छवि प्रभावित होती है। पार्टी नेतृत्व ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक दबदबे का इस तरह इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए खतरा है और आम जनता में भय की भावना पैदा करता है।


स्थानीय प्रशासन ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस बीच, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद जनता में आक्रोश बढ़ गया है। लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और दबंग नेताओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।


कुल मिलाकर, खगड़िया का यह मामला सत्ता के दुरुपयोग, राजनीतिक दबंगई और आम जनता के खिलाफ हिंसा की गंभीर तस्वीर पेश करता है। प्रशासन और पार्टी नेतृत्व की जिम्मेदारी बनती है कि निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि लोगों में न्याय और सुरक्षा का भरोसा बना रहे।