ब्रेकिंग
पटना की सफाई व्यवस्था चरमराई, हड़ताल पर गए नगर निगम के वाहन चालक, कचरा उठाव प्रभावितअवैध हथियार से वह कैसे लोगों को डराता था? भरत तिवारी एनकाउंटर पर बोले मंत्री दिलीप जायसवालजमीन की जमाबंदी में बड़ा फर्जीवाड़ा, CO और राजस्व कर्मी समेत 55 लोगों पर केस; डिजिटल सिस्टम पर भी उठे सवालराबड़ी देवी के नए सरकारी बंगले का रंग बदला, भगवा हटाकर इस कलर से पेंट करा रही सरकार; लालू परिवार ने जताई थी आपत्तिमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सुरक्षा में लापरवाही पर एक्शन, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सस्पेंडपटना की सफाई व्यवस्था चरमराई, हड़ताल पर गए नगर निगम के वाहन चालक, कचरा उठाव प्रभावितअवैध हथियार से वह कैसे लोगों को डराता था? भरत तिवारी एनकाउंटर पर बोले मंत्री दिलीप जायसवालजमीन की जमाबंदी में बड़ा फर्जीवाड़ा, CO और राजस्व कर्मी समेत 55 लोगों पर केस; डिजिटल सिस्टम पर भी उठे सवालराबड़ी देवी के नए सरकारी बंगले का रंग बदला, भगवा हटाकर इस कलर से पेंट करा रही सरकार; लालू परिवार ने जताई थी आपत्तिमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सुरक्षा में लापरवाही पर एक्शन, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सस्पेंड

Bihar news : पिघली सियासी दूरी ! चिराग पासवान ने चाचा पशुपति पारस के छुए पैर,तस्वीर वायरल; क्या खत्म होगी नाराजगी?

खगड़िया में पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान ने चाचा पशुपति पारस के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। लंबे समय से चली आ रही सियासी दूरी के बीच यह मुलाकात चर्चा में है।

Bihar news : पिघली सियासी दूरी ! चिराग पासवान ने चाचा पशुपति पारस के छुए पैर,तस्वीर वायरल; क्या खत्म होगी नाराजगी?
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar news : बिहार की राजनीति में लंबे समय से चली आ रही खटास के बीच एक भावुक और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक पारिवारिक कार्यक्रम में अपने चाचा पशुपति कुमार पारस से मुलाकात की और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य न सिर्फ परिवार बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।


दरअसल, यह मौका खगड़िया जिले के शहरबन्नी स्थित पैतृक आवास पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा का था, जहां चिराग पासवान अपने दिवंगत चाचा अर्जुन पासवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में पशुपति पारस के साथ-साथ पूर्व सांसद और चिराग के चचेरे भाई प्रिंस राज भी मौजूद थे।


कार्यक्रम की शुरुआत में चिराग पासवान ने अपने दिवंगत चाचा को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद जो दृश्य सामने आया, उसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। चिराग पासवान ने बिना किसी झिझक के अपने चाचा पशुपति पारस के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। जवाब में पशुपति पारस ने भी भतीजे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया और उनके दीर्घायु होने की कामना की।


इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई, जिससे माहौल और भी सहज हो गया। वहीं चिराग पासवान अपने चचेरे भाई प्रिंस राज से गले मिलते नजर आए। लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक खींचतान के बीच यह दृश्य रिश्तों की मजबूती और पारिवारिक संस्कारों का प्रतीक बन गया।


ज्ञात हो कि पिछले कुछ वर्षों में लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के अंदर हुए विभाजन के बाद चिराग पासवान और पशुपति पारस के बीच संबंधों में काफी तनाव आ गया था। दोनों गुटों के बीच सियासी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला था, जिससे यह दूरी और बढ़ गई थी। लेकिन इस पारिवारिक कार्यक्रम ने यह संकेत दिया है कि रिश्तों की डोर अभी पूरी तरह टूटी नहीं है।


कार्यक्रम के दौरान समर्थकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। “धरती-आसमान गूंजे रामविलास पासवान” जैसे नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। यह नारे दिवंगत नेता रामविलास पासवान के प्रति सम्मान और उनके परिवार के प्रति समर्थन को दर्शाते हैं।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात के दूरगामी संकेत हो सकते हैं। भले ही यह एक पारिवारिक कार्यक्रम था, लेकिन जिस तरह से दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाया, उससे भविष्य में रिश्तों के सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल, इस भावनात्मक मुलाकात ने यह जरूर दिखा दिया है कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन परिवार और रिश्तों का महत्व उससे कहीं ऊपर होता है।