ब्रेकिंग
बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद BJP में मंथन, सीएम सम्राट चौधरी की मौजूदगी में हुई समीक्षा; कहां हुई चूक?केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का PA बनकर जेल IG को किया फोन, एक कैदी को जेल ट्रांसफऱ करने के लिए कहा, फिर क्या था...तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर, दो नाबालिग ममेरे भाइयों की मौत; तीसरा गंभीरPM मोदी का वीडियो हटाने पर संसदीय समिति सख्त, जुकरबर्ग को 3 दिन में माफी मांगने की चेतावनीपप्पू यादव ने प्रशांत किशोर की जीत के बहाने RJD पर बोला हमला, तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर उठाए सवालबांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद BJP में मंथन, सीएम सम्राट चौधरी की मौजूदगी में हुई समीक्षा; कहां हुई चूक?केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का PA बनकर जेल IG को किया फोन, एक कैदी को जेल ट्रांसफऱ करने के लिए कहा, फिर क्या था...तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर, दो नाबालिग ममेरे भाइयों की मौत; तीसरा गंभीरPM मोदी का वीडियो हटाने पर संसदीय समिति सख्त, जुकरबर्ग को 3 दिन में माफी मांगने की चेतावनीपप्पू यादव ने प्रशांत किशोर की जीत के बहाने RJD पर बोला हमला, तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर उठाए सवाल

चिराग तले अंधेरा: थाने से ही गायब हो गया पिस्टल, नप गए थानाध्यक्ष

कटिहार थाना में चुनाव-2025 के दौरान जमा कराई गई लाइसेंसी पिस्टल गायब, थानाध्यक्ष आनंद कुमार को पदमुक्त किया गया। पुलिस विभाग ने दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की।

bihar
© REPORTER
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

KATIHAR: कटिहार पुलिस की कार्यशैली पर एक ऐसा सवाल खड़ा हुआ है, जिसने सबको चौंका दिया है। मामला सहायक थाना का है। दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के दौरान शहर के लोहियानगर निवासी चंद्रशेखर सिंह ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल सुरक्षा के लिहाज़ से थाने में जमा कराई थी। लेकिन, जब चुनाव ख़त्म होने के बाद वे अपनी अमानत वापस लेने पहुँचे, तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। जवाब मिला कि "पिस्टल तो थाने से गायब है!"



इस घोर लापरवाही को देखते हुए कटिहार के पुलिस अधीक्षक (SP) ने कड़ा रुख अपनाया है। सहायक थाना में कांड संख्या 1251/25 दर्ज किया गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न मिलने पर थानाध्यक्ष (SHO) आनंद कुमार को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त (Remove) कर दिया गया है। SHO समेत दो अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।


कहते हैं कानून के हाथ लम्बे होते हैं, लेकिन जब कानून के घर (थाने) से ही हथियार गायब होने लगें, तो सवाल उठना लाज़िमी है। फिलहाल, आनंद कुमार पर गाज गिर चुकी है और विभाग अपनी साख बचाने की कवायद में जुटा है।

टैग्स