ब्रेकिंग
तमिलनाडु में सरकार गठन पर फिर फंसा पेंच: विजय के शपथ पर ग्रहण, VCK ने रख दी बड़ी शर्त; स्टालिन के साथ IUMLबिहार में डबल मर्डर से हड़कंप: एक ही घर के दो कमरों से देवरानी-जेठानी के शव बरामद, ससुरालवाले फरारअब किसे शाहजादा और युवराज बतायेंगे पीएम मोदी! तेजस्वी यादव ने सम्राट कैबिनेट के 17 मंत्रियों की लिस्ट जारी कर परिवारवादी बतायापश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी होंगे शामिलकौन हैं शुभेंदु अधिकारी जो बनने जा रहे हैं बंगाल के नए सीएम: जानिए उनका पूरा सियासी सफरतमिलनाडु में सरकार गठन पर फिर फंसा पेंच: विजय के शपथ पर ग्रहण, VCK ने रख दी बड़ी शर्त; स्टालिन के साथ IUMLबिहार में डबल मर्डर से हड़कंप: एक ही घर के दो कमरों से देवरानी-जेठानी के शव बरामद, ससुरालवाले फरारअब किसे शाहजादा और युवराज बतायेंगे पीएम मोदी! तेजस्वी यादव ने सम्राट कैबिनेट के 17 मंत्रियों की लिस्ट जारी कर परिवारवादी बतायापश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी होंगे शामिलकौन हैं शुभेंदु अधिकारी जो बनने जा रहे हैं बंगाल के नए सीएम: जानिए उनका पूरा सियासी सफर

कटिहार में धड़ल्ले से हो रहा मिट्टी का अवैध खनन, प्रशासन की उदासीनता से माफियाओं का हौसला बुलंद

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गैरकानूनी गतिविधि में कुछ सफेदपोश नेता, सरकारी अधिकारी और कथित पत्रकारों की भी मिलीभगत है, जो अपने स्वार्थ के लिए इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं।

BIHAR
अवैध खनन
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

KATIHAR: बिहार के कटिहार जिले में अवैध मिट्टी खनन धड़ल्ले से जारी है। प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह चरम पर पहुंच चुका है। इलाके में माफियाओं का हौसला बुलंद है।  दिगी नया टोला समेत अन्य क्षेत्रों में प्रतिदिन हजारों ट्रेलरों के जरिए मिट्टी की अवैध खुदाई और बिक्री हो रही है, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गैरकानूनी गतिविधि में कुछ सफेदपोश नेता, सरकारी अधिकारी और कथित पत्रकारों की भी मिलीभगत है, जो अपने स्वार्थ के लिए इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रशासन की खामोशी के कारण अवैध खनन माफिया निडर होकर कार्य कर रहे हैं।


सूत्रों के अनुसार, कटिहार में अवैध मिट्टी खनन के चलते सरकार हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व से वंचित रह जाती है। बिना किसी वैध लाइसेंस के संचालित हो रहे ईंट भट्ठों के लिए खेतों और सरकारी जमीनों से बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जा रही है।


अब सवाल उठता है कि प्रशासन कब तक इस अवैध खनन पर आंखें मूंदे रहेगा? क्या सरकार इस गोरखधंधे पर कड़ी कार्रवाई करेगी या फिर अवैध खनन माफिया सरकारी राजस्व और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करते रहेंगे?

कटिहार से सोनू की रिपोर्ट..

टैग्स

संबंधित खबरें