1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 18, 2025, 8:06:17 AM
पीड़ित बच्चा - फ़ोटो रिपोर्टर
Bihar News: कटिहार के हसनगंज थाना क्षेत्र के बबैया गांव में निजी मदरसे में पढ़ने वाले नौनिहालों के साथ अमानवीय व्यवहार करने हुए मौलाना द्वारा तालिबानी अंदाज में यातना देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खबर के मुताबिक मदरसे में पढ़ने वाले 10 वर्षीय बच्चे के साथ क्रूरता पूर्वक मारपीट की गई है। यह सिलसिला रोज का है।
इससे पहले भी इस मदरसे के मौलाना पर सवाल उठाए गए हैं। बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले मौलाना ने एक बार तो जलती हुए तीली बच्चे के मुंह में डालकर हमेशा के लिए उसकी आवाज ही बंद कर दी थी। इस मामले को लेकर परिजनों ने हसनगंज थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। बताते चलें कि पिछले दिनों मदरसों की माली हालत अच्छी नहीं होने का हवाला देकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में मदरसों में मिलने वाली शिक्षा का विरोध किया था।
इनका कहना है कि मदरसों में बच्चों को औपचारिक, क्वालिटी एजुकेशन नहीं दी जा रही। शिक्षा के लिए ज़रूरी माहौल और सुविधाएं देने में असमर्थ मदरसे बच्चों को उनकी अच्छी शिक्षा के अधिकार से वंचित रख रहे हैं। इन बच्चों को मिड-डे मील, यूनिफॉर्म और स्कूल में पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाती। यहां जोर बस मजहबी शिक्षा पर ही होता है, मुख्य धारा की शिक्षा में इनकी भागीदारी काफी कम ही है।
इसके अलावा बच्चों को आम गलतियों पर तालिबानी अंदाज में यातना देना कोई नई बात नहीं। चाहे कोई छोटी सी भी गलती क्यों न हो, अगर मौलाना साहब का मूड खराब हो गया तो फिर सजा ऐसी दी जाती है जैसी किसी खूंखार अपराधी को मिलती है। ऐसे में इस दिशा में कठोर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
कटिहार से सोनू चौधरी की रिपोर्ट