JEHANABAD: जहानाबाद देश सेवा के दौरान असम में हुए एक बेहद दर्दनाक विमान हादसे में जहानाबाद जिले के हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत बनवरिया गांव के वीर सपूत, भारतीय वायुसेना के फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार (25 वर्ष) शहीद हो गए। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि उनके पैतृक गांव बनवरिया में मातम पसर गया।
मिली जानकारी के अनुसार असम के जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार ने देश की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। भारतीय वायुसेना के इस युवा अधिकारी की शहादत ने जहानाबाद जिले को गौरवान्वित करने के साथ-साथ गमगीन कर दिया है।
शहीद शुभम कुमार अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव, अनुशासन और देशभक्ति के लिए जाने जाते थे। कम उम्र में ही उन्होंने भारतीय वायुसेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हुए देश की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया था। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आज जब वीर शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव बनवरिया पहुंचा तो पूरा गांव अपने इस वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ा।
बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों के सदस्य वहां पहुंचे और नम आंखों से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, वर्तमान सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव पूर्व सांसद अरुण कुमार, जगदीश शर्मा, वर्तमान घोसी विधायक ऋतुराज कुमार, जहानाबाद सदर विधायक राहुल शर्मा समेत मगध पर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव, जिले के डीएम, एसपी समेत कई लोग मौजूद रहे। गॉव में भारत माता की जय, शुभम कुमार अमर रहें और जब तक सूरज चांद रहेगा, शुभम तेरा नाम रहेगा जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
शहीद के अंतिम दर्शन के दौरान हर आंख नम थी। ग्रामीणों ने कहा कि शुभम कुमार ने अपने गांव, जिले और पूरे देश का नाम रोशन किया है। उनकी शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले ऐसे वीर जवान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। जिले के विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी शोक व्यक्त करते हुए शहीद के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। लोगों ने केंद्र एवं राज्य सरकार से शहीद के परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।








