JAMUI: बिहार में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था का दावा सरकार आए दिन करती है, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आती है। हम बात जमुई जिले के बरहट स्थित मलयपुर के सरकारी अस्पताल की कर रहे हैं, जहां का एक एक वीडियो सामने आया है, जो अस्पताल की व्यवस्था को बयां कर रहा है। अस्पताल का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है। जिसमें यह दिख रहा है कि कैसे अस्पताल खुला है, कमरों के दरवाजे खुले हैं, लेकिन ड्यूटी पर डॉक्टर, एएनएम या नर्स नजर नहीं आ रहे. प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला अस्पताल में मदद के लिए इधर-उधर भटकती रही, लेकिन करीब आधे घंटे तक उसे देखने वाला कोई नहीं मिला।
प्रसव पीड़ा से परेशान महिला मदद के लिए अस्पताल में भटकती रही और परिजन कर्मियों को आवाज लगाते रहे, लेकिन करीब आधे घंटे तक कोई स्वास्थ्यकर्मी सामने नहीं आया। अस्पताल की यह कथित लचर व्यवस्था अब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए चर्चा में है। बताया जाता है की बरहट थाना क्षेत्र के तमकुलिया निवासी स्वरूपा कुमारी प्रसव के लिए अपने परिजनों के साथ बीते दिनों करीब सात बजे अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मलयपुर पहुंचीं.अस्पताल पहुंचने के बाद काफी देर तक वहां कोई डॉक्टर, एएनएम या नर्स मौजूद नहीं था।
.जब बार-बार आवाज लगाने के बाद भी कोई स्वास्थ्यकर्मी सामने नहीं आया तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था का वीडियो बनाना शुरू कर दिया. करीब दो मिनट के वायरल वीडियो में अस्पताल के खुले कमरों और कई हिस्सों में पसरे अंधेरे को दिखाते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं.वीडियो में परिजन यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि गर्भवती महिला को इलाज की जरूरत है, लेकिन अस्पताल में कोई कर्मी मौजूद नहीं है.
लचर व्यवस्था ने खड़े किए गंभीर सवाल
मामला सामने आने के बाद समाजसेवी श्री कांत उर्फ बिट्टू यादव, महेंद्र सिंह, ग्रामीण दिनेश यादव , अरुण सिंह, सुमित सिंह ने कहा की अस्पताल की आखिर प्रसव जैसी आपात स्थिति में अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी नहीं होना यह बहुत बड़ी लापरवाही है.यदि किसी गर्भवती महिला को रात के समय तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़े और ड्यूटी पर कर्मी ही उपलब्ध नहीं हों तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी.सरकारी अस्पताल में संसाधन और व्यवस्था होने के बावजूद यदि मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़े तो यह महज एक महिला की परेशानी नहीं, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल है.
कर्मियों की मनमानी पर भी उठे सवाल
घटना ने ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा कर दिया है.परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में आवाज लगाने के बावजूद कोई कर्मी सामने नहीं आया.हालांकि संबंधित कर्मियों की उस समय की ड्यूटी और अस्पताल से अनुपस्थिति के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं हुई है.ऐसे में जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी.
डीएमओ बोले -जांच के बाद होगी कार्रवाई
जिला चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिल पाया है तो यह गंभीर मामला है. ड्यूटी के दौरान अस्पताल से गायब रहने वाले संबंधित कर्मियों की जांच कराई जाएगी और मामला सही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी.





