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जमुई के जंगलों में तेंदुए की दस्तक, बन सकता है बिहार का नया ‘लेपर्ड जोन’; वन विभाग अलर्ट

Bihar News: जमुई के घने जंगलों में तेंदुए की मौजूदगी सामने आने के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है। कैमरा ट्रैपिंग के जरिए इलाके को संभावित ‘लेपर्ड जोन’ के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है।

Bihar News
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित कुकुरझप डैम से सटे घने जंगलों और गुरमाहा-चोरमारा क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी सामने आने के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। जंगलों में गश्ती के दौरान तेंदुए समेत कई जंगली जानवरों के देखे जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद मुंगेर वन प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले मलयपुर रेंज द्वारा इलाके में विशेष निगरानी अभियान शुरू किया गया है।


वन विभाग ने कुकुरझप डैम और आसपास के जंगलों में कई दर्जन नाइट विजन कैमरा लगाया गया है। और अधिक ट्रैप कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन कैमरों के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि इलाके में तेंदुओं की वास्तविक संख्या कितनी है और कौन-कौन से वन्यजीव यहां विचरण कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह सर्वे आने वाले समय में क्षेत्र की जैव विविधता को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


जानकारी के मुताबिक गुरमाहा और चोरमारा जंगलों में तेंदुए के अलावा भालू, हिरण, बंदर, मोर, साही ,जंगली सूअर, खरगोश सहित कई वन्यजीव देखे गए हैं। इतना ही नहीं, यहां दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि यह इलाका वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और अनुकूल आवास के रूप में विकसित हो रहा है।


वन अधिकारियों का मानना है कि बरहट, कुकुरझप डैम और भीमबांध से जुड़ा विशाल वन क्षेत्र भविष्य में बिहार के प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में पहचान बना सकता है। अब तक बिहार में कैमूर और बेतिया क्षेत्र तेंदुओं की मौजूदगी के लिए चर्चित रहे हैं, लेकिन अब जमुई भी राज्य का तीसरा महत्वपूर्ण “लेपर्ड जोन” बनने की ओर बढ़ता दिख रहा है।


विशेषज्ञों के अनुसार, कुकुरझप डैम के आसपास फैली घनी झाड़ियां, चट्टानी क्षेत्र और पर्याप्त जल स्रोत वन्यजीवों के लिए बेहद अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं। इसी वजह से यहां भारतीय सिवेट (विवरिकुला इंडिका) जैसे दुर्लभ निशाचर स्तनधारी जीव भी देखे जा रहे हैं। 


दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाए जाने वाले यह जीव सामान्यतः घने जंगलों और चट्टानी इलाकों में रहना पसंद करते हैं। मलयपुर रेंज ऑफिसर सुशांत कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग लगातार इलाके की निगरानी कर रहा है। कैमरा सर्वे के जरिए वन्यजीवों की गतिविधियों और संख्या का अध्ययन किया जाएगा। 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Dheeraj Kumar

FirstBihar संवाददाता