नो-एंट्री के नाम पर अवैध वसूली का वीडियो वायरल, हर गाड़ी से 200 रुपये लेने का आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो पर जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा कि फुटेज की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

1st Bihar Published by: Dhiraj Kumar Singh Updated Sun, 04 Jan 2026 09:41:40 PM IST

bihar

बालू माफिया और पुलिस की मिलीभगत - फ़ोटो social media

JAMUI: बिहार के जमुई जिले में एक बार फिर बालू माफिया और पुलिस के बीच कथित मिलीभगत का मामला सामने आया है। खैरा थाना क्षेत्र का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नो-एंट्री के बावजूद पैसे लेकर भारी वाहनों को पास कराते देखा जा सकता है। वायरल वीडियो में प्रति गाड़ी ₹200 की अवैध वसूली की बात साफ तौर पर सुनी जा सकती है।


वीडियो कथित रूप से खैरा बाजार क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रशासनिक रोक लगी हुई है। इसके बावजूद बालू लदे ट्रक और ट्रैक्टर बेखौफ होकर बाजार से गुजर रहे हैं। आरोप है कि यह पूरा खेल खैरा थाना पुलिस की मिलीभगत से चल रहा है और चौकीदारों के जरिए अवैध वसूली कराई जा रही है।


सूत्रों की मानें तो इस नेटवर्क में बड़ी बाग बालू घाट संवेदक का एक रिश्तेदार भी शामिल है। बिना चालान ट्रैक्टरों से अवैध खनन और परिवहन लगातार जारी है। वायरल वीडियो में ट्रकों की सूची बनाकर रकम वसूलने की बात भी सामने आई है। वीडियो में कथित तौर पर चौकीदार कमलेश्वरी पासवान पर अवैध उगाही का आरोप लगाया गया है। हालांकि, फर्स्ट बिहार इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।


मामले के उजागर होते ही खैरा बाजार के स्थानीय लोगों और व्यवसायियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि नो-एंट्री लागू है तो नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। अवैध उगाही से न केवल यातायात व्यवस्था चरमरा रही है, बल्कि प्रशासन की साख पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


लिहाजा इस पूरे प्रकरण ने बिहार सरकार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी और खनन एवं राजस्व मंत्री विजय सिन्हा के उन सख्त बयानों को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिनमें उन्होंने बालू माफियाओं पर नकेल कसने और पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने का दावा किया था। जमीनी हकीकत इन दावों से उलट नजर आ रही है।


गौरतलब है कि 14 नवंबर 2023 को जमुई के गढ़ी थाना में पदस्थापित 2018 बैच के दरोगा प्रभात रंजन को बालू माफियाओं ने ट्रैक्टर से कुचल दिया था, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया था। इतनी बड़ी घटना के बावजूद बालू माफियाओं के हौसले बुलंद बने हुए हैं और कथित जुगलबंदी जारी है।


वायरल वीडियो को लेकर जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा है कि वीडियो की जांच की जा रही है और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल, अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि पुलिस इस मामले में वास्तव में सख्त कदम उठाती है या फिर यह मामला भी अन्य वायरल वीडियो की तरह सोशल मीडिया की सुर्खियों तक ही सीमित रह जाता है।