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train derailed in Bihar : जमुई-जसीडीह रेलखंड पर बड़ा रेल हादसा, सिमुलतला पुल के पास सीमेंट लदी मालगाड़ी पटरी से उतरी, 17 बोगियां क्षतिग्रस्त

जमुई-जसीडीह रेलखंड पर सिमुलतला स्टेशन के पास शनिवार देर रात बड़ा रेल हादसा हुआ। सीमेंट से लदी मालगाड़ी पुल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे 17 बोगियां पटरी से उतर गईं और रेल परिचालन बाधित हो गया।

train derailed in Bihar : जमुई-जसीडीह रेलखंड पर बड़ा रेल हादसा, सिमुलतला पुल के पास सीमेंट लदी मालगाड़ी पटरी से उतरी, 17 बोगियां क्षतिग्रस्त
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

train derailed in Bihar : जमुई-जसीडीह रेलखंड पर शनिवार देर रात एक बड़ा रेल हादसा हो गया। हावड़ा–पटना–दिल्ली मेन लाइन पर सिमुलतला स्टेशन के समीप सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। टेलवा बाजार हाल्ट के पास स्थित पुल संख्या 676 पर अचानक हुई इस दुर्घटना में मालगाड़ी की 17 बोगियां पटरी से उतर गईं, जिनमें से कई बोगियां पुल से नीचे बड़ुआ नदी में जा गिरीं, जबकि एक दर्जन से अधिक बोगियां आपस में टकराकर डाउन लाइन पर फैल गईं। हादसे के बाद रेलखंड पर अप और डाउन दोनों लाइनों पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मालगाड़ी अप लाइन पर जसीडीह से झाझा की ओर जा रही थी। मालगाड़ी में कुल 42 बोगियां थीं, जिनमें सीमेंट लदा हुआ था। यह मालगाड़ी पश्चिम बंगाल के आसनसोल से बिहार के सीतामढ़ी के लिए रवाना हुई थी। रात करीब 11:30 बजे जैसे ही ट्रेन सिमुलतला स्टेशन से आगे बढ़ी और टेलवा बाजार हाल्ट के समीप पुल संख्या 676 पर पहुंची, तभी अचानक जोरदार झटका लगा और मालगाड़ी के पिछले हिस्से की कई बोगियां एक-एक कर पटरी से उतरने लगीं। देखते ही देखते 17 बोगियां दुर्घटनाग्रस्त हो गईं।


हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ बोगियां पुल से नीचे बड़ुआ नदी में गिर पड़ीं, जबकि कई बोगियां पुल के आसपास और डाउन लाइन पर पलट गईं। इंजन और आगे की कुछ बोगियां किसी तरह पटरी पर बनी रहीं। बताया गया कि मालगाड़ी में दो इंजन लगे थे, जो दुर्घटना के बाद करीब 400 मीटर आगे टेलवा बाजार हाल्ट के पास जाकर सुरक्षित रूप से रुक गए। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।


दुर्घटना के तुरंत बाद मालगाड़ी के चालक कमलेश कुमार और गार्ड मनीष कुमार पासवान ने सूझबूझ दिखाते हुए इसकी सूचना सिमुलतला स्टेशन को दी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। रात करीब एक बजे सिमुलतला स्टेशन प्रबंधक अखिलेश कुमार, आरपीएफ ओपी प्रभारी रवि कुमार और पीडब्लूआई रंधीर कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही आसनसोल रेल मंडल को भी घटना की जानकारी दी गई।


आसनसोल रेल मंडल के पीआरओ ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही मंडल स्तर से तकनीकी टीम और राहत कार्य के लिए आवश्यक संसाधन रवाना कर दिए गए हैं। दुर्घटनास्थल पर रेल पटरियों की स्थिति और पुल की मजबूती की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा तकनीकी खराबी, ट्रैक में दोष या किसी अन्य कारण से हुआ। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।


इस हादसे का सबसे बड़ा असर रेल परिचालन पर पड़ा है। रात 11:30 बजे से अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया। जानकारी के अनुसार, करीब दो दर्जन एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें जहां-तहां विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं। कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों को रास्ते में ही रोक दिया गया, जिससे यात्रियों को रात भर परेशानी झेलनी पड़ी। ठंड के मौसम में ट्रेनें रुकने से यात्रियों को भोजन, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।


रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बोगियों को हटाने और ट्रैक को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर किया जाएगा। इसके लिए भारी क्रेन और अन्य उपकरण मंगाए जा रहे हैं। प्राथमिकता के आधार पर पहले डाउन लाइन और फिर अप लाइन को बहाल करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, पूरी तरह परिचालन सामान्य होने में समय लग सकता है।


स्थानीय लोगों के अनुसार, सिमुलतला और टेलवा बाजार हाल्ट के बीच यह पुल पहले भी संवेदनशील माना जाता रहा है। हादसे के बाद क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, हालांकि आरपीएफ और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को मौके से दूर रखा।


फिलहाल रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। साथ ही, हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए जाने की भी संभावना जताई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।