1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 25, 2025, 5:55:39 PM
उपेंद्र कुशवाहा पर किया कटाक्ष - फ़ोटो REPORTER
JEHANABAD: हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और केन्द्रीय मंत्री जीतनराम मांझी राज्यसभा की एक सीट पर अड़ गये हैं। क्योंकि वो जहां भी पहुंच रहे हैं वहां इस बात की चर्चा कर रहे हैं। गया के बाद जहानाबाद में उन्होंने फिर अपनी यह मांग रख दी। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया था कि लोकसभा की दो सीट और राज्यसभा की एक सीट उनकी पार्टी को दी जाएगी। इसी कारण मांझी ने अपने बेटे संतोष सुमन को राज्यसभा की सीट के लिए मांग रखने की सलाह दी थी।
जहानाबाद में मीडिया से बात करते हुए मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी से अमित शाह ने जो वादा किया था। वो पूरा नहीं किया। उनकी पार्टी को कम करके आंका जा रहा है। वादाखिलाफी होगी तो चुप बैठने वाले नहीं हैं।2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें सिर्फ एक सीट मिली लेकिन राज्यसभा की सीट नहीं दी गयी। मांझी ने कहा कि एनडीए का अनुशासित सिपाही होने के नाते मैंने एक सीट पर संतोष कर लिया। उन्हें जीत मिली तो केंद्र में मंत्री भी बना दिया गया। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। मांझी ने राज्यसभा की एक सीट की मांग को जायज बताया।
कहा कि पुराने वादे के अनुसार उन्हें राज्यसभा में स्थान मिलना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि यही सलाह हम गया में बेटे संतोष मांझी को दे रहे थे कि आप भी अपना अधिकार मांगिए। हमने संतोष मांझी को राज्यसभा सीट के लिए मंत्री पद छोड़ देने की सलाह दी थी। आज फिर जहानाबाद में उन्होंने अपनी उसी बात को दोहराते हुए राज्यसभा सीट की मांग की। बता दें कि 9 अप्रैल 2026 को बिहार में राज्यसभा की 5 सीटें खाली होने वाली हैं। इनमें से JDU के 2, RJD के 2 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की 1 सीट है। मांझी इनमें से एक सीट पर दावा कर रहे हैं।
एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जहानाबाद पहुंचे केंद्रीय मंत्री एवं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने राज्यसभा सीट को लेकर अपनी मांग पर एक बार फिर खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उन्हें दो लोकसभा सीट और एक राज्यसभा सीट देने का वादा किया गया था। इसी वादे के आधार पर वे अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के समक्ष यह मांग रख रहे हैं और पार्टी की बैठकों में भी इस मुद्दे को लगातार याद दिलाते रहे हैं। जीतन राम मांझी ने कहा कि उनकी आस्था एनडीए गठबंधन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति पूरी तरह बनी हुई है।
उपेंद्र कुशवाहा पर किया कटाक्ष
उपेंद्र कुशवाहा की नसीहत पर कटाक्ष करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा, खुद सांसद बन गए, पत्नी को विधायक बना दिया और बेटे को मंत्री बना दिया, और मुझे नसीहत दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों की मांग उनकी पार्टी की मजबूरी है। मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी को अब भी निर्दलीय की तरह देखा जाता है, जबकि वे एक मजबूत निबंधित पार्टी के रूप में पहचान बनाना चाहते हैं। इसके लिए सीट और वोट दोनों जरूरी हैं, इसी कारण वे अपनी मांग रख रहे हैं।