जहानाबाद: बिहार के जहानाबाद में पटना-गया एसएच-4 पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। कॉलेज से पढ़ाई कर लौट रहे इंजीनियरिंग छात्रों से भरे ऑटो की सामने से आ रहे हार्वेस्टर से जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में दो इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य विद्यार्थी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। सड़क पर क्षतिग्रस्त ऑटो और घायल छात्रों को देखकर आसपास के लोग सहम गए। दुर्घटना की खबर मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कॉलेज से लौटते वक्त रास्ते में हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, इंजीनियरिंग कॉलेज के नौ विद्यार्थी एक ऑटो में सवार होकर कॉलेज से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पटना-गया एसएच-4 पर सामने से आ रहे हार्वेस्टर से ऑटो की सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें बैठे छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। ऑटो में फंसे विद्यार्थियों को बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
दो छात्रों की मौत से मचा कोहराम, आठ जिंदगी की जंग लड़ रहे
इस दुर्घटना में दो इंजीनियरिंग छात्रों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य विद्यार्थी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। अचानक हुए इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को बेहतर भविष्य और इंजीनियर बनने के सपने के साथ कॉलेज भेजा था, उन्हें अब अपने बच्चों की सलामती की चिंता सता रही है।दो छात्रों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में मातम पसर गया। वहीं, घायल विद्यार्थियों के परिजन अस्पताल पहुंचकर उनकी हालत जानने में जुटे हैं।
तेज रफ्तार या चूक? जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह
पटना-गया एसएच-4 पर हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर हार्वेस्टर और ऑटो के बीच इतनी भीषण टक्कर कैसे हुई? क्या तेज रफ्तार हादसे की वजह बनी या फिर किसी वाहन चालक की लापरवाही से यह दुर्घटना हुई? फिलहाल, हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक पल में दो परिवारों के सपने उजड़ गए, जबकि आठ विद्यार्थी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।





