IRCTC News : ट्रेन में लंबा सफर हो और सीट पर बैठे-बैठे मनपसंद खाना मिल जाए, तो इससे अच्छी बात क्या होगी! यही वजह है कि आजकल बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन में सफर के दौरान ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना पसंद करते हैं। लेकिन अगर आप भी किसी वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए ट्रेन में खाना मंगवाते हैं, तो जरा सावधान हो जाइए। आपकी एक छोटी सी लापरवाही न सिर्फ आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है, बल्कि आपकी निजी जानकारी भी खतरे में डाल सकती है।
दरअसल, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने ट्रेन में ऑनलाइन खाना पहुंचाने के नाम पर चल रहे अनधिकृत वेबसाइटों और मोबाइल ऐप के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। IRCTC ने ऐसी 13 वेबसाइटों की पहचान की है, जिनके जरिए कथित तौर पर बिना उचित अनुमति के ई-कैटरिंग का कारोबार किया जा रहा है। निगम ने इनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है और यात्रियों को इन प्लेटफॉर्म से दूर रहने की सलाह दी है।
रेलवे के नाम पर चल रहा है ऑनलाइन खेल, यात्रियों को कैसे हो सकता है नुकसान?
आजकल ऑनलाइन फूड डिलीवरी का चलन तेजी से बढ़ा है। रेलवे यात्रियों के लिए भी कई निजी वेबसाइट और ऐप ट्रेन में खाना पहुंचाने का दावा करते हैं। यात्री अपना PNR नंबर डालते हैं, ट्रेन और सीट की जानकारी देते हैं और अपनी पसंद का खाना बुक कर लेते हैं। देखने में यह प्रक्रिया काफी आसान लगती है, लेकिन हर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भरोसेमंद हो, यह जरूरी नहीं है।
IRCTC के मुताबिक, कई अनधिकृत प्लेटफॉर्म ऐसे रेस्टोरेंट से खाना पहुंचा सकते हैं, जिनके पास जरूरी लाइसेंस तक नहीं होते। ऐसे में खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के मानकों पर सवाल खड़े होते हैं। यात्रियों को यह भी पता नहीं चल पाता कि उनके लिए खाना किस रेस्टोरेंट में तैयार किया गया है और उसकी गुणवत्ता की निगरानी कौन कर रहा है।
यानी जिस सुविधा के लिए यात्री ऑनलाइन पैसे खर्च कर रहे हैं, वही सुविधा उनकी सेहत के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
PNR से लेकर बैंकिंग जानकारी तक पर मंडरा रहा खतरा
मामला सिर्फ खराब खाने या समय पर डिलीवरी नहीं मिलने तक सीमित नहीं है। असली खतरा यात्रियों की निजी जानकारी और पैसों से जुड़ा है। किसी अनजान वेबसाइट या ऐप पर खाना ऑर्डर करते समय यात्री अपना PNR नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और भुगतान से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं। अगर यह जानकारी गलत हाथों में पहुंच गई, तो इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, बैंकिंग फ्रॉड और निजी डेटा चोरी जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
कई बार यात्री ऑनलाइन भुगतान कर देते हैं, लेकिन खाना निर्धारित स्टेशन पर पहुंचता ही नहीं। कुछ मामलों में ऑर्डर कैंसिल होने या पैसे कटने के बावजूद डिलीवरी नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आती हैं। परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब संबंधित प्लेटफॉर्म पर शिकायत करने या रिफंड पाने का कोई भरोसेमंद रास्ता नहीं मिलता।
IRCTC ने जारी की 13 वेबसाइटों की लिस्ट, इनसे रहें सावधान
IRCTC ने यात्रियों को आगाह करते हुए 13 ऐसी वेबसाइटों की सूची जारी की है, जिनके जरिए अनधिकृत तरीके से ई-कैटरिंग का कारोबार किए जाने की बात कही गई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि इन वेबसाइटों पर खाना बुक करने से पहले IRCTC की आधिकारिक जानकारी जरूर जांचें।
सूची में शामिल वेबसाइटों के नाम इस प्रकार हैं:
RailRestro.com / RailRestro.in
RailMitra.com
TravelKhana.com
TrainsCafe.com
DibRail.com
RailFood.net
TravelerFood.com
FoodOnTrack.in
Ecatering.app
KhanaOnline.in
TrainWay.in
RailMeal.com
TrainMenu.com
IRCTC ने स्पष्ट किया है कि रेलवे के नाम, पहचान या व्यवस्था का गलत इस्तेमाल करके कारोबार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में यात्रियों को किसी भी अनजान प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
ट्रेन में खाना मंगाने का सही तरीका क्या है? नोट कर लें ये 3 आधिकारिक विकल्प
अगर आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं और अपनी सीट पर मनपसंद खाना मंगाना चाहते हैं, तो इसके लिए IRCTC ने आधिकारिक सुविधा उपलब्ध कराई है। यात्री इन तीन तरीकों से खाना बुक कर सकते हैं।
1. आधिकारिक वेबसाइट: यात्री IRCTC की ई-कैटरिंग वेबसाइट https://www.ecatering.irctc.co.in पर जाकर अपना PNR नंबर दर्ज कर सकते हैं और उपलब्ध विकल्पों में से खाना चुन सकते हैं।
2. मोबाइल ऐप: Android और iOS यूजर्स के लिए IRCTC का आधिकारिक Food on Track ऐप उपलब्ध है। इसके जरिए यात्री अपनी यात्रा के दौरान खाना ऑर्डर कर सकते हैं।
3. फोन कॉल: अगर आप मोबाइल ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो 1323 नंबर पर कॉल करके भी ई-कैटरिंग सेवा की जानकारी और बुकिंग ले सकते हैं।
इसके अलावा IRCTC के अधिकृत ई-कैटरिंग पार्टनर्स और वेंडर्स के जरिए भी खाना मंगाया जा सकता है। हालांकि, ऑर्डर करने से पहले संबंधित पार्टनर की अधिकृत स्थिति जरूर जांच लें।
स्टेशन या ट्रेन में अनधिकृत वेंडर दिखे तो क्या करें?
रेलवे ने यात्रियों से यह भी अपील की है कि अगर ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर कोई अनधिकृत वेंडर खाना बेचता या डिलीवर करता हुआ दिखाई दे, तो इसकी शिकायत करें। इसके लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की हेल्पलाइन 182 पर संपर्क किया जा सकता है।
पिज्जा, बर्गर से लेकर केक तक, IRCTC पर मिलेंगे कई विकल्प
IRCTC की ई-कैटरिंग सेवा सिर्फ सामान्य भोजन तक सीमित नहीं है। इसके जरिए यात्री अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक व्यंजन, थाली, पिज्जा, बर्गर और कई तरह के फास्ट फूड भी ऑर्डर कर सकते हैं। इतना ही नहीं, जन्मदिन या सालगिरह जैसे खास मौकों के लिए केक और दूसरे विशेष फूड आइटम मंगाने का विकल्प भी उपलब्ध है। यात्रियों को अपने बजट और पसंद के हिसाब से अलग-अलग रेस्टोरेंट के मेन्यू में से खाना चुनने की सुविधा मिलती है।
IRCTC का कहना है कि अनधिकृत ई-कैटरिंग कारोबार से रेलवे के नियमों और टैक्स व्यवस्था पर भी असर पड़ता है। आधिकारिक व्यवस्था के तहत होने वाले कारोबार पर GST जमा किया जाता है, जबकि नियमों से बाहर काम करने वाले ऑपरेटरों के कारण सरकारी राजस्व और अधिकृत कारोबारियों को नुकसान हो सकता है।





